विपक्ष!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपक्ष – Vipaksha. The opponent part. पक्ष के विपरीत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीधर्म – Shreedharma. Past-birth soul of Lord Munisuvrata. तीर्थंकर मुनिसुव्रत के पूर्व भव का जीव “
उग्रोग्रतप A type of supernatural power (of fasting with mental control in increasing order). उग्र तप ऋदि का एक भेद-जीवन पर्यंत तीन गुप्ति रक्षित होकर एक-एक दिन अधिक वृद्धि के साथ उपवास करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाना-जीव नाना-अजीव – Nana-Jiva Nana-Ajiva Theory of many animates and inanimates अनेक जीव और अनेक अजीव ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == श्रद्धा : == जं सक्कइ तं कीरइ, जं न सक्कइ, तयम्मि सद्दहणा। सद्दहमाणो जीवो, वच्चइ अयरामरं ठाणं।। —धर्म संग्रह : २-२१ जिसका आचरण हो सके, उसका आचरण करना चाहिए एवं जिसका आचरण न हो सके, उस पर श्रद्धा रखनी चाहिए। धर्म पर श्रद्धा रखता हुआ जीव भी जरा…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावकाचार सारोद्धार – Shraavakaachaara Saaroddhaara. Name of a book written in Sanskrit language. संस्कृत भाषाबद्ध एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागार्जुन – Nagarjuna A great personality of Bauddha, Name of a writer of Ayurved. एक बौध विद्वान (आचार्य पूज्यपाद स्वामी से प्राप्त पघावती मंत्र को सिद्ध करके इन्होने स्वर्ण बनाने की विघा प्राप्त की)” कर्नाटक जैन कवी-वैघक शाश्त्र में पारंगत एवं नागार्जुन कल्प आदि वैघक गंथ्रो के कर्ता ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यणी- Manushyanii. Woman , female sex. मनुष्यिनी या स्त्री “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संश्लेष बंध – Sanshlesa Bandha. Something combined or synthesised. जो परस्पर संश्लेष को प्राप्त हुए काष्ठ और लाख का बंध होता है वह संश्लेष बंध है “
त्रि मकार Wine, meat, honey (the three inedible things). मदिरा, मास, मधु। तीन न खाने योग्य पदार्थ जिनका प्रारंभ ‘म’ शब्द से है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]