पंप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंप: Name of a Jain Kannad poet. राजा अरिकेसरी के समय में हुए एक जैन कन्नड कवि (ई0 941) जिनकी आदिपुराण्चम्पू आदि कृतिया है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंप: Name of a Jain Kannad poet. राजा अरिकेसरी के समय में हुए एक जैन कन्नड कवि (ई0 941) जिनकी आदिपुराण्चम्पू आदि कृतिया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर संघ – ViraSangha. Name of a group of saints after division of Moolsangh (original group). मूलसंघ के विघटन के पश्चात बना जैन साधुओं का एक संघ “
गर्हा Confessing own faults before the spiritual teacher. गर्हण, गुरु के समक्ष अपने दोष प्रगट करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख मण्डप–Mukh Mandap. Canopy type space in front of situated–idol of Jaina Lord. अकृत्रिम जिनमंदिरो मेंगर्भ गृह जहा प्रतिमा विराजमान रहती है उसके आगे का मण्डप”
गिरिपात Falling from a precipice (steep mountain etc.) पर्वत से गिरना, लोकमूढता;धर्मं लाभ मानकर पर्वत से गिरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == नम्रता : == किंदि रिंता वि नमंति मग्गणत्थं धरंति जे जोयं। ताण धणूण व पुरिसाण कह णु मा होउ टंकारो।। —गाहारयण कोष : १२९ करोड़ों का धन देकर भी जो नम्र है और जो याचकों के लिए ही जीवन धारण करता है, ऐसा धनुष और पुरुष क्यों नहीं…
त्रिखंड A particular triangular sequence of the fruition of Karmas. तीन म्लेच्छखण्डों को त्रिखण्ड कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य धर्मध्यान – Mukhya Dharmdhyan. A type of righteous meditation; mental, meta–physical involvement. धर्मध्यान के दो भेदो (मुख्यऔर उपचार) में एक भेद; आध्यात्मिकता की और मन को एकाग्र करना” इसे निश्चय धयन भी कहते है”
गुणाधिक Super virtuous personalities (reg.right knowl- edge etc.). जो सम्यग्यानादि गुणों में बढे चढ़े हैं वे गुणाधिक हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वविद् – Poorvavid. One ominiscient, having scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुतकेवली “