द्रव्यनिमित्त!
द्रव्यनिमित्त Physical cause (reg. Karmic binding & furition). द्रव्य, क्षेत्र, काल व भाव की अपेक्षा से कर्मों का बन्ध व उदय होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्यनिमित्त Physical cause (reg. Karmic binding & furition). द्रव्य, क्षेत्र, काल व भाव की अपेक्षा से कर्मों का बन्ध व उदय होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावकाचार – Shraavakaachaara. Conduct of householders or lay followers. एकदेश चारित्र; 5 अणुव्रत, 3 गुणव्रत, 4 शिक्षाव्रत का पालन “
द्रव्य उदय Physical fruition (reg. Karmas). द्रव्य, क्षेत्र , काल व भाव के निमित्त के वश में कर्मों के फल का प्राप्त होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रवण – Shravana. Name of the 80th planet and the 21st lunar. 88 ग्रहों में 80वां गृह, 28 नक्षत्रों में 21वां नक्षत्र जो मृंदगाकार है ” तीर्थंकर श्रेयांसनाथ व मुनिसुव्रतनाथ इसी नक्षत्र में जन्मे थे “
द्रमिल A part of the south India. दक्षिण भारत का एक भाग जो मद्रास सेरिंगपट्टम और कामोरिम तक फैला हुआ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शौर्यपुर – Shauryapura. Another name of Shauripur (Shauripura). शौरीपुर का अपरानाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त राग- देव शास्त्र गुरु के प्रति भक्तिरूपी राग प्रषस्त राग है। Prasasta raga- Devotion in the prayer of Lord, guru etc
दो गुणहानि A kind of decreasing series. गुणहानि आयाम को दो गुना करने पर जो प्रमाण प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव आस्त्रव – Bhava Asrava. Emotions with passion etc. which cause flow of Karmas – are called Bhava Asrava. आत्मा के रागादि भाव जिनसे कर्म आते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रविचार- मैथुन के उपसेवन को प्रविचार कहते है। Pravicara- Sexual enjoyment