उपगूहन!
उपगूहन Protection, An act of safeguarding of other’s faults and increasing self virtues. सम्यग्दर्शन के 8 अंगों में 5 वाँ अंग अपनी आत्मा के गुणों को बढ़ाना व दूसरों के दोषों को ढ़कना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपगूहन Protection, An act of safeguarding of other’s faults and increasing self virtues. सम्यग्दर्शन के 8 अंगों में 5 वाँ अंग अपनी आत्मा के गुणों को बढ़ाना व दूसरों के दोषों को ढ़कना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्विध उदय Four kinds of fruition. प्रकृति, स्थिति , अनुभाग , प्रदेश रूप उदय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीप्रवज्या – Stripravajyaa. Initiation of a woman for asceticism.स्त्री द्वारा संपूर्ण परिग्रह त्याग करके दीक्षा धारण करना( उपचार से महाव्रती होते हुए भी सावरण होने से स्त्रियो को मुक्ति नही होती है)।
छंदशतक A book written by a poet Vrindavan. कवि वृन्दावन द्वारा रचित (ई. १८००-१८४८) भाषा पद संग्रह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्कीर्तना – Samutkeertanaa. A disquisition door (Anuyodvar) expressing existence of all karmic nature. एक अनुयोगद्वार इसमे कर्म प्रकृतियो का अस्तित्व बतलाया जाता है।
चिंतानिरोध Concentration, Meditation. एकाग्रता ; चित्त की वृत्ति को एक ही विषय में लगान्मा चिंतानिरोध अर्थात् ध्यान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंद्रवंश The name of Som dynasty. सोमवंश; बाहुबली के पुत्र सोमयश न एईस वंश की स्थापना की थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चैतन्यप्राणरक्षा Absolute non-violence; protection of consciousness with the lack of passionate thoughts. निश्र्चय अहिंसा; रागादि का अभाव क्योंकि यह शुद्ध चैतन्य प्राण की रक्षा का कारण है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारित्र औपशमिक Conduct causing lack of passions, lusts, desires etc. चारित्रमोहनीय के उपशम से जो वीतराग भावरूप चारित्र हो ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समानता – Samaanataa. Similarity, Parity. एकरुपता। ऋजुसूत्र नय की दृष्टि मे कोई के समान नही है, क्योंकि देा को सर्वथा समान मान लेने पर, उन दोनो मे एकत्व की आपत्ति प्राप्त होती है।