उष्ट्रकूट श्रेणी!
उष्ट्रकूट श्रेणी Camel back range . ऊँट की पीठ की तरह प्रदेशों की निषेक रचना को उष्ट्रकूट श्रेणी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उष्ट्रकूट श्रेणी Camel back range . ऊँट की पीठ की तरह प्रदेशों की निषेक रचना को उष्ट्रकूट श्रेणी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेमकूट – Hemakuuta. Name of the 40th city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिणी श्रेणी का 40वां नगर।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृदिनंदि – Hrdinandi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंध बलात्कारगण भट्टारक आम्नाय वारां गट्ठी के एक भट्टारक विश्वचन्द्र के षिष्य। समय वि. 1156।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिरण्यगर्भ – Hiranyagarbha. One of the 1008 names of lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 1008 नामांे मे से एक। जब भगवान गर्भ मे थे तभी सुवर्णमय हो गई थी और आकाश से देवो ने सुवर्ण की वृष्टि की थी, इसलिए भगवान का नाम हिरण्यगर्भ भी है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परम अद्वैत: Another name of Mokshmarga & path of salvation, Ultimate state of bliss.निर्विकल्प समाधि अथवा निष्चय मोक्ष मार्ग का अप रनाम ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हंगुलवर – Himmgulavara. Name of an island & an ocean of middle universe. मघ्यलोक का एक सागर व द्वीप।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हलभृत – Halabhrta. Name of the 16th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान वृषभदेव के 84 गणधरो मे 16 वें गणधर।
उपशमश्रेणी Substantial ladder, Subsidential progression (in 8, 9, 10, 11th gunasthana) . चारित्र मोहनीय कर्म का उपशम करता हुआ साधक जिस श्रेणी अर्थात् 8वें,9वें,10वें 11वें इन 4 गुणस्थानों रूपी सीढ़ी पर चढ़ता हैं उसे उपशम श्रेणी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवंश – Harivammsa. Name of a great Kshatriya dynasty established by Lord Rishabhdev. ऋषभदेव द्वारा संस्थापित प्रसिद्व 4 क्षत्रियवंशो मे एक महावंष। ऋषभदेव ने हरि नाम के राजा को बुलाकर उसे महामण्डलीक राजा बनाया था।