निश्चय तप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय तप – Nishchaya Tapa. Absolute austerity (completely engrossed into oneself). मुनि अवस्था में निज स्वरुप में परिणमन होना अर्थात् समस्त परद्रव्य की इच्छा को रोकना निश्चय तपश्चरण है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय तप – Nishchaya Tapa. Absolute austerity (completely engrossed into oneself). मुनि अवस्था में निज स्वरुप में परिणमन होना अर्थात् समस्त परद्रव्य की इच्छा को रोकना निश्चय तपश्चरण है “
उत्तरकुमार The son of king Virat. राजा विराट का पुत्र अर्जुन ने इसे सारथी मानकर कौरवों से युद्ध किया था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक –Laukika : Worldly behaviour ,knowledge etc. व्यवहारिक (व्यवहार में प्रयुक्त होने वाला ज्ञान क्रिया आदि).
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयक्षमा – Nishchayaksamaa. Absolute liberal conduct, free from agitation on other’s misconduct. साधुओं आदि को दुष्टजनद्वारा गाली-गलौच, उपहास, तिरस्कार आदि करने पर भी उनके मन में कलुषता का उत्पन्न होना व्यवहार क्षमा है तथा क्रोध के अभाव में आत्मा में तन्मयता का होना निश्चय क्षमा है “
उपादान कारण(शाश्वत) Affluent cause (eternal). सत्य व अमर उपादान कारण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांत कषाय – Shanta Kashaaya. Subsided passion. उपशांत कषाय “
उपस्थापना An expiation, Reinitiation . प्रायश्चित किसी साधु का ऐसा अपराध हो जिससे उसकी दीक्षा छेदकर पुनः दीक्षा दी जाये।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्कृष्ट आयु Highest age time. देव व नारकी उत्कृष्ट आयु 33 सागर है तथा मनुष्य तिर्यंचों की 3 पल्य है। कर्मभूमि में एक करोड़ पूर्व वर्ष है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]