बीजरूचि!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजरूचि – Bijaruci A type of noble persons who get right faith by knowing bijapadas दर्शनार्य का एक भेद ; बिजपदों के ग्रहणपूर्वक सूक्ष्मार्थ तत्त्वार्थ श्रध्दान को प्राप्त करने वाले बिजरुची कहलाते हैं “.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजरूचि – Bijaruci A type of noble persons who get right faith by knowing bijapadas दर्शनार्य का एक भेद ; बिजपदों के ग्रहणपूर्वक सूक्ष्मार्थ तत्त्वार्थ श्रध्दान को प्राप्त करने वाले बिजरुची कहलाते हैं “.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य प्रवाद –ViryaPravada A part of Shrutgyan (scriptural knowledge) containing the description of the power of soul. दृष्टिवाद – १२वे अंग का तीसरा पूर्व, जिसमे आत्मा – अनात्मा की शक्ति का कथन हैं ” इसके ७० लाख माध्यम पद हैं “
आसन्न मरण Supreme beings, who get salvated in short time. जो साधु संघ से भ्रष्ट हो बाहर निकल गया ऐसे स्वच्छन्द, कुशील व संसक्त साधु का मरण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्यान – Niryaana. To grt free from worldly tranmigration. संसार पर्यटन से निकल जाना निर्यान कहलाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषालोचन – Visheshalochana. Acceptance of own faults before an Achrya by a mortifier (Kshapak). सल्लेखना के समय क्षपक के द्वारा आचार्य के सामने की जाने वाली विशेष आलोचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मल जल – Nirmala Jala. Pure & holy water of river etc. (an excellence of Lord-Arihant). 14 देवकृत अतिशियोंमें एक अतिशय; तलब आदि का जल निर्मल हो जाना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिकुंडल – Bhumikundala. A city in the south of Vigjavardha mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
आशीर्विष रस ऋद्धि A type of supernatural power related to cursing one for his death by an angry saint. जिस ऋद्धि के प्रभाव से दुष्कार तप से युक्त मुनि द्वारा ‘मर जाओ’ कहने पर जीव मर जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्दु:ख – Nirdukha. Sorrowlessness, Name of a planet. दु:ख रहित अवस्था, एक ग्रह; 88 ग्रहों में 60 वां ग्रह “