जयदेव!
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयंतिकी Name of a female divinity resident of Ruchak mountain. रूचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी महत्तरिका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकप्रदेशत्व – Syaadekapradessatva. Uni-dimenstional nature of matter (in some aspect).द्रव्य का एक सामान्य-भेद कल्पना निरपेक्ष निश्चय नय की अपेक्षा एकत्व होने से कथंचित् एक प्रदेशत्व स्वभाव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस परित्याग – बाहय तप के 6 भेदों में एक, दूध, दही, धी, तेल, गुड, षक्कर, नमक इन 6 रसो में से सभी रस या एक या दो रस का त्याग करना। Rasa Parityga- Giving up of Patricular 6 kinds of taste
जड़ Non-sentient, fool, senseless material, Basic cause. जीव या संवेदना रहित पदार्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभावी विशेष – SahabhaaveeVishesha. Co-existing factor-the property of a matter in it. गुण; जो वस्तु के सर्व प्रदेशों में व उसकी सर्व अवस्थाओं में साथ-साथ रहता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविशेण – वि सं 734 में पùपुराण के रचियता एक आचार्य। Ravisena- name of an Acharya who wrote Jain Ramayan called as ‘Padmapuarn’
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृति – Smrti. Memory, rememberance, recollection. मति, स्मृति, चिंता, संबा, अभिनिबोध ये एकार्थवाची है। दृष्ट, श्रुत और अनुभूत अर्थ को विषय करने वाले ज्ञान को स्मृति कहते है। देखे- स्मरण।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायन – विधिपूर्वक सोना अदि धातुओं से बनायी गयी औशधी वर्तमान में खनिज एवं वनस्पति आदिक से जो औशधिया बनती है इन्हें भी रसायन कहते है। Rasayana-Ayurvedic medicines