त्रिभुवनकीर्ति!
त्रिभुवनकीर्ति Name of an Acharya and a Bhattarak. नन्दिसंघ बलात्कारगण शुभचन्द्र आम्नाय (वि. 1499-1538) सूरत गद्दी के एक भट्टारक , काष्ठा संघ के एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिभुवनकीर्ति Name of an Acharya and a Bhattarak. नन्दिसंघ बलात्कारगण शुभचन्द्र आम्नाय (वि. 1499-1538) सूरत गद्दी के एक भट्टारक , काष्ठा संघ के एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशिष्ट पद – Vishishta.Pada. A kind of dicquisition door . पदमीमांसा आदि अनुयोगद्वारा के उत्क्रष्टादि भेद पदों के १३ भेदों में से एक भेद “
चौंसठ ऋद्धिव्रत A type of vow (fasting) to be observed for different 64 days related to 64 supernatural powers of great saints. महामुनियों के चौंसठ ऋद्धियों की अपेक्षा ६४ व्रत किए जाते हैं . इनके मंत्र पूजा एवं विधि को ‘व्रतविधि एवं पूजा’ भाग २ पुस्तक से देखना चाहिए समुच्चय मंत्र – ॐ ह्रीं चतुःषष्टिऋद्धिभ्यो…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तिमितसागर – Stimitasaagara. Name of the third son of king Andhakvishni.राजा अन्धकवृष्णि एवं रानी सुभद्रा का तीसरा पुत्र।
द्वितीय वर्ग Square of first square (mathematically). प्रथम वर्ग का पुनः वर्ग करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारूसेन The chief disciple of Lord Sambhavanath. संभवनाथ भगवान के मुख्य गणधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वारवंग A place, present Darbhanga district. वर्तमान दरभंगा जिला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चन्द्रविमान The Moon, Space vehicles. चन्द्रमा , २ जम्बूद्वीप के + ४ लवण समुद्र के + १२ धातकी खण्ड के + ४२ कालोधि के+ ७२ पुष्करार्द्ध के इस प्रकार ढाई देवीप में कुल १३२ चंद्रविमान गमनशील हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आर्यनंदि Disciple of ‘Acharya Chandrasen’ and spiritual guide of Veersen ji. पंचस्तूप संघ की पट्टावली के अनुसार चंद्रासेन के शिष्य तथा वीरसेन (धवलाकार) के गुरू थे (ई.767-798)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चूलिका Peak, Summit, A part of scriptural knowledge (Shrutgyan). पर्वत की चोटी , श्रुतज्ञान ; दृष्टिप्रवाद अंग का ५वां भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]