दृष्टांत!
दृष्टांत Illustration, Example, Instance. हेतु की सिद्धि में साधनमृत कोई दृष्ट पदार्थ जिसमें कि वादी व प्रतिवादी दोनों सम्मत हों।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृष्टांत Illustration, Example, Instance. हेतु की सिद्धि में साधनमृत कोई दृष्ट पदार्थ जिसमें कि वादी व प्रतिवादी दोनों सम्मत हों।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्परिणाम – Satparinaama. Auspicious temperaments or involvement. द्रव्य का परिणमन ” शुभ उपयोग रूप जीव का परिणाम अर्थात् भाव “
दुष्प्रमार्जित निक्षेप Placing something carelessly or wrongfully. अजीवाधिकरण के भेद निक्षेप का एक उपभेद दुष्टतावश असावधानी से वस्तु को रखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घनमूल Cube root. गणित में घनराशि का मूल अन्नक- जैसे ६४ का घनमूल ४ है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोज्यशूद्र:A lower division of people of society. कारू शूद्र का एक भेद “
दुषमा दुषमा काल A period of 21000 years, time of penury or period of decay (this period will occur after 18500 years). अवसर्पिणी काल का छठा 21000 वर्ष का काल । इस काल में धर्म , अग्नि और राजा इन तीनों का अभाव होने से केवल अधर्मरूप क्रियाएँ होती हैं, इसमें मनुष्य पशुवत् आचरण करता…
गुणनिमित्तक नाम The names like krishna, Mahavira etc. which are pronounced to express virtues. ऐसे नाम जो गुणों के निमित्त से व्यव हार में आते हैं, जैसे कृष्ण, महावीर आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगांतराय कर्म:Obstructive Karma in the way of worldly enjoyments. अंतराय कर्म का एक भेद; जिस कर्म के उदय से जीव भोगने की इच्छा करता हुआ भी नहीं भोग पाता “
दुःप्रणिधान Arrogant or Illusive tendency (an infraction). सामायिक शिक्षा व्रत का एक अतिचार । सामायिक के समय मन – वचन- काय की प्रवृत्ति रागरूप या प्रमादरूप होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ग्रहाङ्ग A type of wish fulfilling trees (Kalpavrikshas). कल्पवृक्षों का एक भेद; जो आवश्यकतानुसार राजमहल , सभाग्रह आदि देते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]