तडिदवक्त्र!
तडिदवक्त्र The king of Vidyadhars. विद्याधरों का राजा, राम का पक्षधारी। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तडिदवक्त्र The king of Vidyadhars. विद्याधरों का राजा, राम का पक्षधारी। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रस नामकर्म प्रकृति Mobile physique making karmic nature . जिस कर्म के उदय से त्रस काय में जन्म हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्बूवृक्ष Blackberry tree, The first island of middle universe is called Jambudvip on the name of this natural (Akratrim) tree, Initiation tree of Lord Vimalnath. जामुन का वृक्ष ; अकृत्रिम जम्बूद्वीप रचना के अनुसार सुमेरू पर्वत की उत्तर दिशा में उत्तरकुरु भोगभूमि में स्थित पृत्वीकायिक एक अकृत्रिम वृक्ष. इसके नाम पर ‘जम्बूद्वीप’ का नाम सार्थक…
ततप्रदोष Jealousy, Spite (a fault). ज्ञानावरण, दर्शनावरण कर्म के आस्रव का एक कारण तत्वज्ञान के उपदेश कर्ता के प्रति सुख से कुछ न कहते हुए हृदय में ईर्ष्या रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जंतु Living beings of lower level; insects etc. चतुर्गतिरूप संसार की नाना योनियों में जन्म धारण करने वाले जीव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तंइुल Rice; one among the 8 articles used for worsh-ipping of Jaina Lord. चावल, पूजन के अष्टद्रव्यों में से एक द्रव्य, जिसे अक्षत भी कहते है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोह– Moha. Delusion, Attachment. सांसारिक वस्तुओ में ममत्व या मूर्छा भाव”
छल Deception, lllusion, Fraud. वादी के वचन से दूसरा अर्थ कल्पनाकार उसके वचन में दोष देना, मायाचारी , धोखा करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वातिचार प्रतिक्रमण – Sarvaatichaara Pratikramamna. Purification or repentance of all faults commited in ascetic life. दीक्षा ग्रहण से लेकर समस्त तपष्चरण के काल तक जो दोष लगे हो उनकी शुद्धि करना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विध्यात संक्रमण – Vidhyata Sankramana. A type of transition (reg. soul with low purity). संक्रमण के ५ भेदों में एक भेद; मंद विशुध्दता वाले जीव की स्थिति – अनुभाग को घटाने रूप भूतकालीन स्थितिकाण्डक – अनुभागकाण्डक तथा गुणश्रेणी आदि परिणामों में प्रव्रत्ति होना “