मिश्र द्रव्य!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र द्रव्य–Mishra Dravya. Mixed material. गृहीत–अगृहीत पुद्गल द्रव्य”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र द्रव्य–Mishra Dravya. Mixed material. गृहीत–अगृहीत पुद्गल द्रव्य”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ्र – Shubhra. Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर; इसे राजासूर्य ने बसाया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तूप -Stuupa. A dome shaped structure ( a type of creation in the samavasharana, the assembly of Lord).समवषरण रचना का एक अंग। ये समवषरण की वीथियो के मध्यभाग मे बनाये जाते है। अर्हत और परमेष्ठियो की प्रतिमाये इनके चारो और स्थापित की जाती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद सिद्ध –Veda Siddha Salvated beings from all three genders – male female & impotent (according to BhutpragyapanNaya) भुतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा नपुंसक वेद से सिद्ध होने वाले जीव थोडे एवं स्त्री – पुरुष वेद से सिद्ध होने वाले जीव संख्यत गुणे हैं ” इन सभी का द्रव्य वेद पुरुष वेद ही…
चल Moving, Unsteady, Restless, A fault of right perception (pertaining to passions). जो कुछ काल तक स्थिर रहकर चलायमान हो जाता है . सम्यग्दर्शन के तीन दोषों में एक दोष ; जल कल्लोल की तरह नाना विषयों में चलायान रहना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूढ़–Muudh. Ignorant, a stupid person. अज्ञानी, देह को आत्मा मानने वाला, द्रव्य गुण पर्यायों से तत्व की अप्रतिपत्ति होना, सूझबूझ से हीन”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभा – Shubhaa. The capital city of Ramaniya country of Videh Kshetra(region). विदेह क्षेत्र के रमणीय देश की राजधानी “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाश्य – प्रकाशक भाव – Prakasya- Prakashka Bhava. Relation of illuminating objects & means of illu-mination. कार्य – कारण संबंध; प्रकाश्य पदार्थ है और, प्रदीप, सूर्य, चन्द्र आदि प्रकाशक हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ योग – Shubha Yoga. Auspicious & meritorious attitudes. मन वचन काय की शुभ या पुण्यरूप प्रवृत्ति ” अथवा योगों की विषयविरक्ति कषायनिग्रहरूप प्रवृत्ति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भामंडल – Bhamamdala. Name of Seeta’s brother, An auspicious em-blem of Lord Arihant. सीता का भाई, अष्ट प्रातिहायों में एक प्रातिहार्य “