य!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] य–Ya. The twenty sixth consonant of the Davanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का छब्बीसवाँ व्यंजन अक्षर इसका उच्चारण स्थान तालु है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] य–Ya. The twenty sixth consonant of the Davanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का छब्बीसवाँ व्यंजन अक्षर इसका उच्चारण स्थान तालु है”
चितिशक्ति Power of consciousness. अजड़त्व अर्थात चेतनत्व स्वरुप चितिशक्ति है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदनिक्षेप: Going forward step by step. Meaningful terms related to actuality in the lowest and highest states. एक-एक कदम बढाते हुए चलना पदनिपेक्ष कहलाता है। जो जघन्य और उत्कुष्ट पद विषयक निष्चय में ले जाता है। उसे पदनिक्षेप कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विहायोद्विक –Vihayodvika. A type of dyad pertaining to the praised & non-praised spatial movement. प्रशस्त और अप्रशस्त विहायोगति “
घोष A habitation of herdsmen, Outcry, Roar, Name of a celestial deity. अहीरों की बस्ती , शब्द का एक भेद , भवनवासी देवों के स्तनित कुमार जाति के प्रथम इन्द्र का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समरसी भाव – Samarasee Bhaava. Supreme temperament. घ्येय और घ्याता का एकीकरण समरसीभाव माना गया है। यही एकीकरण समाधिरुप ध्यान है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पति :Husband, the male life partner. यज्ञ, पूजा, प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यो के साथ स्त्री का विववाह जिसके साथ हुआ हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषनय – Vishesha Naya. A particular standpoint believing that the soul is non-extricated. अव्यापकता रूप कथन करने वाला नय ” जैसे – आत्मद्रव्य एक मोती की भांति अव्यांपक है, सदा से रहने वाले नर – नारकादि जीव का बोधन करना विशेष नय हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == क्षणभंगुरता : == जन्म मरणेन समं, सम्पद्यते यौवनं जरासहितम्। लक्ष्मी: विनाशसहिता, इति सर्व भंगुरं जानीत।। —समणसुत्त : ५०७ जन्म मरण के साथ जुड़ा है और यौवन वृद्धावस्था के साथ। लक्ष्मी चंचला है। इस प्रकार (संसार में) सब कुछ क्षणभंगुर है।