विवेक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “
गुणोत्तरश्रेणी Geometrical progression. एक गणितीय श्रेणी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पन्नग:A type of super knowledge, A type of deities of Nagkumar kind. एक प्रकार की विद्या, नागकुमार जाति के देव।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वीतरागी : == कामानुगृद्धिप्रभवं खलु दु:खं, सर्वस्व लोकस्य सदेवकस्य। यत् कायिकं मानसिकं च किंचित् , तस्यान्तकं गच्छति वीतराग:।। —समणसुत्त : ७६ सब जीवों का, और तो क्या देवताओं का भी जो कुछ कायिक और मानसिक दु:ख है, वह काम—भोगों की सतत अभिलाषा से उत्पन्न होता है। वीतरागी उस…
गोलाचार्य Name of an Acharya. नंदिसंघ देशीयगण के एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदिर: Temple, Name of a city in the north of Vijayardh mountain, Name of a chief disciple of Lord Vasupujya, Name of a summit situated at Ruchak mountain. जिनालय, विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, वासु पूज्य भगवान के मुख्य गणधर का नाम, रुचक पर्वत पर स्थित एक कूट का नाम “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मुक्ति-मार्ग : == सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्ग:। —तत्त्वार्थ सूत्र : १-१ सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र—यही मोक्ष का मार्ग है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वितत – Vitata.: Expanded or extented tone (of musical instrument etc.). एक प्रकार का प्रायोगिक शब्द,सितार आदि के शब्द को वितत कहते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्र: Mystic verses or texts. जो गुप्त रूप से बोले जाते हैं उन्हें मंत्र कहते हैं ” ‘मत्री’ धातु से गुप्त भाषण के अर्थ में मंत्र शब्द बना हैं जो एक अक्षर से लेकर अनेकों अक्षरों तक होते हैं, जैसे – ‘ॐ’ , अर्हं , असिआउसा आदि “