दुःखमा काल!
दुःखमा काल See – Du¼amå Kåla. देखें – दुषमा काल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैशाली –Vaisali. Name of the maternal place of Lord Mahavira, the capital city of Sindhu country, ruled over by king Chetak, the maternal grandfather of Lord Mahavir. भगवन महावीर की ननिहाल ” दिगम्बर जैन ग्रंथो (उत्तरपुराण वीरजिणिन्दचरिउ, महावीर पुराण आदि) के अनुसार वैशाली नगरी सिंधु देश में थी, वहाँ के राजा चेटक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुनारुक्त निग्रहस्थान – Punarukta Nigrahasthana. Repetition of the words having the same meaning (a fault). एक दोष; एक शब्द से जिस अर्थ की प्रतीति हो रही है उसी शब्द या अर्थ को पुनः कहना “
दीक्षा Initiation, Consecration for a religious ceremony, an act of undertaking religious observances. वैराग्य की उत्तम भूमिका को प्राप्त होकर अपने सब सगे संबधियों से क्षमा मांगकर गुरू की शरण में जाकर संपूर्ण परिग्रह का त्याग कर देना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयाभिलाषा – Vishayabhilasha. Intense lust for passions. तृष्णा; सांसारिक सुखदायक पदार्थ कभी भी मेरे से अलग न होवें ऐसी तीव्र अभिलाषा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गल परमाणु – Pudgala Paramanu. Indivisible particle of the matter (Pudgal). एक प्रदेशी पुद्गल जिसका दूसरा हिस्सा नहीं हो सकता तथापि यह उत्पाद व्यय गुण सहित होता है “
दिव्यपाद Name of 23rd predestined Tirthankar (Jaina-Lord). जम्बूद्वीप भरतक्षेत्र में स्थित 23 वें भाविकालीन तीर्थंकर का नाम (हरिवंशपुराण के आधार पर ) दूसरे ग्रंथों में इनका नाम देवपाल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वामन संस्थान – Vaamana Sansthaana.: A Karmic nature causing pigmy or short heightened body. नामकर्म की एक प्रकृति; जिस कर्म के उदय से जीव का बौना शरीर होता है “
दामनंदि Disciple of Sarvachandra and spiritual teacher of Veernandi. ई. 943-973 में सर्वचन्द्र के शिष्य और वीरनन्दि के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैदूर्यमणि –Vaiduryamani The sapphire-a coloured gem, Body colour of Lord Munisuvratnath&Neminath was like sapphire. नीलम, नील वर्ण वाली मणि – तीर्थकर मुनिसुव्रतनाथ एवं तीर्थकर नेमिनाथ का वर्ण वैदूर्यमणि सट्दश था ” सुमेरु पर्वत की चूलिका वैदूर्यमणियी हैं “