बलात्कार गण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलात्कार गण- जैनाचार्यों की शाखा; कुंदकुंद आचार्य के समय से प्रचलित। जैसा कि प्रशस्ति आदि में लिखित रहता है- कुन्दकुन्दाम्नाये सरस्वती गच्छे बलात्कार गणे………। Balatkara Gana- A branch of jain acharyas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलात्कार गण- जैनाचार्यों की शाखा; कुंदकुंद आचार्य के समय से प्रचलित। जैसा कि प्रशस्ति आदि में लिखित रहता है- कुन्दकुन्दाम्नाये सरस्वती गच्छे बलात्कार गणे………। Balatkara Gana- A branch of jain acharyas
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैद्यसार –Vaidyasara Name of an Ayurvedic book written by AcharyaPujyapad. आचर्य पूज्यपाद (ई. श. ५) कृत आयुर्वेद विषयक एक संस्कृत ग्रंथ “
देवपूजक A worshipper of Lord Arihant. जिनेन्द्र देव की पूजा करने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बप्रिला- नमिनाथ भगवान की मााता का नाम। अपरनाम-वप्पिला या वर्मिला। Baprila- Mother’s name of lord Naminath
उद्योत नामकर्म प्रकृति A karmic nature causing effulgence (lustrous) body. जिसके निमित्त से शरीर में उद्योत होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
थानक पंथी / थानकवासी A shvetambar Jain sect. श्वेताम्बर जैन पंथ, ये प्रतिमा को नहीं पूजते हैं, साधु वस्त्र एंव मुह पर पट्टी रखते हैं । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रैकाल्ययोगी The disciple of Golacharyaji. एक आचार्य (ई.920-930) जो गोलाचार्य (ई. 900-920) के शिष्य तथा अभयनंदि (ई.930-950) के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर सांपरायिक बंधक- निक्षेप की अपेक्षा बंधक का एक भेद। Badara Samparayika Bamdhaka- A type of karmic binder
त्रिवलित A fault or religious activities. कायोत्सर्ग का एक अतिचार, वंदना का एक अतिचार , कटि ग्रीवा, मस्तक, आदि पर तीन बल पड़ जाना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघात – Sanghaata. Aggregate, Collection, A type of Shrutgyan (scriptual knowledge) related to wholesome increase of knowledge. समूह, जमाव, श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 7वां भेद; एक-एक पद के अक्षर की वृद्धि के क्रम से संख्यात हजार पदों के बढ़ जाने पर यह संघात श्रुतज्ञान होता है “