दधिमुख!
दधिमुख Name of particular 16 mountains in Nandishvardvip (island). नंदीश्वर द्वीप की 16 वापियों के मध्य स्थित दही के समान 16 सफेद वर्ण के पर्वत। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दधिमुख Name of particular 16 mountains in Nandishvardvip (island). नंदीश्वर द्वीप की 16 वापियों के मध्य स्थित दही के समान 16 सफेद वर्ण के पर्वत। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद कषाय –Veda Kasaya Passion of lust. नोकषाय, चरित्र मोहनीय के उदय से आत्मा मे कामसेवन या स्त्रीत्व, पुरुषत्व, नपुंसकत्व के भाव”
चौर्यानम्द To feel pleasure in stealing activities. रौद्रध्यान का एक भेद ; चोरुई करने , कराने व उसकी अनुमति देने में आनंद मानना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष प्रत्यय विधान – Sparssana Pratyaya Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद:Designation or title. A part of scriptural Knowledge (Shrutgyan). उपाधि अथवा पदवी, श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 5 वां भेद, इनके अर्थ पद, प्रमाण पद और मध्ष्यम पद तीन भेद ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यतिरेक – Vyatireka. Distinction, Reaching beyond, a type separateness. भेद, अंतर, वैषम्य या असमानता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यचतुष्क – Manushyacatuska. Quartet related to the human beings. मनुष्यगति , मनुष्यगत्यानुपूर्वी, औदारिक शरीर व औदारिक अंगोपांग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष काल विधान – Sparssa kala Vidhaana. A type of anyyogdwar (disquisition door), assocaiontion of “time” with other matters.देखे- स्पर्श अंतर विधान, कालद्रव्य का जो अन्य द्रव्यो के साथ संयोग है उसका नाम काल स्पर्शन है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्णट्टी : A counting of numbers i.e. (256)2 =65536. एक संख्या (256)2 = 65536.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद (शास्त्र) – Veda (Sastra) Four expositions of Jaina scriptures & the four great mythological sacred scriptures of Hindus. जैनधर्म के चार अनुयोगों (प्रेथामानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग, द्रव्यनुयोग) को वेद संज्ञा दी गई है ” हिन्दुऊ में भी चार वेदों ॠग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद की मान्यता हैं “