लिंग व्यभिचार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग व्यभिचार – स्त्रीलिग के स्थान पर पुल्लिंग का कथन करना और पुल्लिंग के स्थान पर स्त्रीलिेग का कथन करना। Limga Vyabhicara-wrong interpretation of genders (i. e. masculine for feminine or vice versa)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग व्यभिचार – स्त्रीलिग के स्थान पर पुल्लिंग का कथन करना और पुल्लिंग के स्थान पर स्त्रीलिेग का कथन करना। Limga Vyabhicara-wrong interpretation of genders (i. e. masculine for feminine or vice versa)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राथमिक- प्रारम्भिक, जो पहले उत्पन्न हुआ है। Prathamika- Elementary, primary
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणरक्षा – अहिंसा; जीवों के प्राणों की रक्षा करना। Pranaraksha- Life saving activities, non-violence
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तर सत्त्व त्रिभंगी –VistaraSattvaTribhammgi. Name of a treatise written by AcharyaKanaknandi. आचार्य कनकनंदि कृत कर्म सिध्दांत विषयक प्राक्रत भाषा का एक ग्रंथ ” समय – ई.सन् ९३९
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहु आरम्भ- नरक आयु के आस्त्रव का कारण; मर्यादा से अिधक अन्यायपूर्वक व्यापारादि करना। Bahu Arambha- Unlimited household activities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसाधिकाम्मोद – रसधिक जाति के मेघ। यं रस की वर्शा करते हैं।उत्सर्पिणी काल में अतिदुशमा काल के अन्त में ये बरसते है जिससे घरती उपजाउ होती है। Rasadhikammoda-A kind of clouds causing juicy raining
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाल बाल मरण- मिथ्यादृष्टि अज्ञानी जीव का मरण। Bala Bala Marana- Death of a wrong believer one
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपसत्य – 10 प्रकार के सत्यभाशण में एक। इसमें पदार्थ के न हाने पर रूप मात्र की अपेक्षा उसका कथन करना।जैसे – चित्र में बने पुरूश को पुरूश कहना। Rupasatya-Description of something by general outline
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बल प्राण- 10 प्राणों में 3 प्राण- मनबल, वचनबल, कायबल। Bala Prana- life vitalities