समाधिरस्तु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिरस्तु – Samaadhirastu. Auspicious blessing for the religious progress. आशीर्वाद वाचक शब्द, अर्थात् समीचीन धर्मध्यान बना रहे। यह आषीर्वाद व्रतियो के लिए साधुजन देते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिरस्तु – Samaadhirastu. Auspicious blessing for the religious progress. आशीर्वाद वाचक शब्द, अर्थात् समीचीन धर्मध्यान बना रहे। यह आषीर्वाद व्रतियो के लिए साधुजन देते है।
तैतिल A country situated in Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्राचरण Those who are constantly devoted in right conduct. पंच माहाव्रतों में , तीनों गुप्तियों में तथा पाँचों समितियों में अत्यंत प्रयत्नयुक्त रहने वाले ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तेईस सिंह Twenty three lions-the 1st dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती को आए 16 स्वपनों में प्रथम स्वपन । इसका फल है वीर के अतिरिक्त 23 तीर्थंकरों के समय दुष्ट नयों की उत्पत्ति का अभाव होगा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रार्य A type of noble persons, saints believing in right conduct. चारित्र को पालने वाले मुनि , इनके अभिगत चारित्रार्य तथा अनभिगत चारित्रार्य दो भेद हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तुल्य बल विरोध Having opposition equally. विरोध का एक प्रकार, ज्ञान को मान लेने पर सब पदार्थें का शून्यपना नहीं बन पाता है और सबका शून्यपना मान लेने पर स्वसंवेदन की सत्ता नहीं ठहरती है यह तुल्य बल विरोध है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचरण – Sancharana. Movement (of body particles etc). गमन, हलन-चलन, योग के कारण जीवप्रदेशों का परिस्पंदन होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावलिंग (साधु) – Bhavalinga (Sadhu). An absolute saint with perfect conduct. साधु का जैसा बाहर चारित्र है वैसा ही भाव होना ” प्रमत्त- अप्रमत्त गुणस्थान सम्बन्धी भाव होना ही भावलिंग है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालमरण – Balamarana. Death of partially abstained right faithed one. अविरत सम्यग्द्सृष्टीजीव का मरण “
तिर्यक्प्रचय Three dimensional extension. प्रदेशों का समूह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]