मिश्रानुभाव!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रानुभाव–Mishraanubhav. A type of mixed dispositions (virtuous & vicious). शुद्धोप्योग एवं शुभोपयोग मिश्रित या शुभ–अशुभोपयोग रूप मिश्रित संवेदन”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रानुभाव–Mishraanubhav. A type of mixed dispositions (virtuous & vicious). शुद्धोप्योग एवं शुभोपयोग मिश्रित या शुभ–अशुभोपयोग रूप मिश्रित संवेदन”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्नान – Snaana. To take bath (it is restricted for Jaina Saints as a basic restraint).शरीर की शुद्वि के लिए जल से नहाया। साधुओ का अस्नान नामक मूलगुण होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विसंवाद –Visamvada. Misleading or deceptive speech. वचन विरोध, धोखा ” अशुभ नामकर्म के आस्त्रव का एक कारण; अन्यथा प्रवृर्ती या प्रतिपादन करना अथवा दूसरे को धोखा देना विसंवाद है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्य आश्रम – Brahmacarya Asrama. Life span of celibacy. चार आश्रमों में एक आश्रम; बाल्यावस्था से युवा होने तक ब्रह्मचर्य पालते हुए विधा का अभ्यास करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थूल – Sthuula. State of grossness.मोटा, बड़ा स्कंध के 6 भेदो मे प्रथम भेद जो छेदन भेदन करने पर स्वंय जुड़ जाते है ऐसे धी, तेल, पानी आदि स्थूल स्कंध कहलाते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरोध – Virodha. Opposition, Contradiction, Objection. अनुपलम्भ अर्थात् अभाव के साध्य को विरोध कहते हैं ” असंगति, परस्पर विरुध्द्ता, असंबध्दता “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == विषयासक्त : == अंधादयं महानन्धो विषयान्धीकृतेक्षण:। —आत्मानुशासन : ३५ विषयांध व्यक्ति अंधों में सबसे बड़ा अंधा है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति तप – Sthiti Tapa. A type of austerity.कायक्लेश तप का एक भेद।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोज्ञ – Manojnna. Delightful , lovely , charming. प्रिय वस्तु होना “
छंदशास्त्र Prosody-the science of versification, many books written by Jainacharyas. काव्यानुशासन , व्यख्यालंकार , पिंगल आदि अनेक आचार्यों एवं पंडितों द्वारा रचित ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]