निर्हेतुकत्व!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्हेतुकत्व – Nirhetukatva. Causelessness. हेतुरहितपना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्हेतुकत्व – Nirhetukatva. Causelessness. हेतुरहितपना “
देवभद्र A Bhattarak; disciple of Pandit Ashadharji. पं. आशाधर जी (ई. 1173- 1243) के शिष्य एक भट्टारक ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तरीयवाद -Lokottariyvaad . The synonym for Shrutgyan (scriptural knowledge ). श्रुतज्ञान का एक पर्यायवाची नाम “
दुर्जन A villain, scoundrel, Cruel. दुष्ट, दुराचारी व्यक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति भक्ति – Nirvrtti Bhakti. A devotional prayer for salvation of one. श्रावक अथवा श्रमण द्वारा सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र की भक्ति करना ” निर्वृत्तिभक्ति (निर्वाणभक्ति) है (नियमसार से) “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्तिका नयन यंत्र–Mrattika Nayan Yantr. A type of metallic plate engraved with some auspicious mystic words. 48 यंत्रों में एक; जिसमे मृत्तिका नयन मन्त्र के अक्षर, शब्द मंत्रो की रचना कोष्ठक आदि बनाकर चित्रित की जाती है”
दृष्टिविष ऋद्धि A type of supernatural power (reg. a look causing curse). जिसके बल से रोषयुक्त हृदय वाले महर्षि के द्वारा देखा गया जीव सर्प द्वारा काटे गये के समान मर जाता है। जैन साधु इस ऋद्धि का कभी उपयोग नहीं करते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दंड Punishment . सजा । मन, वचन, कायरूप तीन प्रकार का दंड होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विंध्या – Nirvindhyaa. A river of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी “
आयोपाय A virtue of Acharya to get disclosed the faults of a Kshapak. क्षपक के दोषों को निकलवाने का एक गुण आचार्यों का एक गण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]