इंद्र(नाम)!
इंद्र(नाम) Son of the king Sahasrar. राजा सहस्रार का पुत्र माली को मारकर इन्द्र के सदृश राज्य किया आगे रावण से युद्ध में हारकर दीक्षा ले निर्वाण प्राप्त किया।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्र(नाम) Son of the king Sahasrar. राजा सहस्रार का पुत्र माली को मारकर इन्द्र के सदृश राज्य किया आगे रावण से युद्ध में हारकर दीक्षा ले निर्वाण प्राप्त किया।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीधर – Shreedhara. Name of a great Acharya, the learned one in mathematics and Astrology, Name of a poet. गणित तथा ज्योतिष विद्या के विद्वान दिगम्ब्राचार्य ” गणितसार संग्रह, ज्योतिर्ज्ञानविधि, जातक तिलक, लीलावती (कन्नड़) के रचयिता (समय- ई. 799-865) ” एक अपभ्रंश कवि सुकुमाल चरिउ के रचियता (समय ई. 1151) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावकाचार – Shraavakaachaara. Conduct of householders or lay followers. एकदेश चारित्र; 5 अणुव्रत, 3 गुणव्रत, 4 शिक्षाव्रत का पालन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस विवाह – विवाह का एक भेद इसमे कन्या का बलपूर्वक अपहरण करके उससे विवाह किया जाता है। Raksasa Vivaha- A type of marriage (A forceful marriage without consent of girl)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रवण – Shravana. Name of the 80th planet and the 21st lunar. 88 ग्रहों में 80वां गृह, 28 नक्षत्रों में 21वां नक्षत्र जो मृंदगाकार है ” तीर्थंकर श्रेयांसनाथ व मुनिसुव्रतनाथ इसी नक्षत्र में जन्मे थे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमती – जूनागढ के राजा उग्रसेन की पुत्री, जिनका विवाह राजा नेमिनाथ के साथ होने वाला था, किन्तु कारण वष नेमिनाथ के दीक्षा लेते ही राजुल ने भी कौमार्य अवस्था मे ही आर्यिका दीक्षा धारण कर ली। पुन यही नेमिनाथ भगवान के समवषरण में मुख्य आर्यिका बनी। Rajamati-Name of a chief Aryika (ganini) in…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शौर्यपुर – Shauryapura. Another name of Shauripur (Shauripura). शौरीपुर का अपरानाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त राग- देव शास्त्र गुरु के प्रति भक्तिरूपी राग प्रषस्त राग है। Prasasta raga- Devotion in the prayer of Lord, guru etc
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजुलमती – जूनागढ के राजा उग्रसेन की पुत्री, जिनका विवाह राजा नेमिनाथ के साथ होने वाला था, किन्तु कारण वष नेमिनाथ के दीक्षा लेते ही राजुल ने भी कौमार्य अवस्था मे ही आर्यिका दीक्षा धारण कर ली। पुन यही नेमिनाथ भगवान के समवषरण में मुख्य आर्यिका बनी। Rajulmati- Name of a chief Aryika (ganini)…