आरण स्वर्ग!
आरण स्वर्ग Name of a heaven, its 2nd layer (Patal) & an aboding place. स्वर्ग का पन्द्रहवां कल्प, आरण स्वर्ग का द्वितीय पटल व इन्द्रक विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरण स्वर्ग Name of a heaven, its 2nd layer (Patal) & an aboding place. स्वर्ग का पन्द्रहवां कल्प, आरण स्वर्ग का द्वितीय पटल व इन्द्रक विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लेपन – Nirlepana. State of absolute completation (reg. food, body, senses etc.) आहार, शरीर, इंद्रिय और श्वासोच्छ्वास अपर्याप्तियों की निवृति (धवला पु. 14) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्वाध्याय : == पूजादिषु निरपेक्ष:, जिनशास्त्रं य: पठति भक्त्या। कर्ममलशोधनार्थं, श्रुतलाभ: सुखकर: तस्य।। —समणसुत्त : ४७६ आदर—सत्कार की अपेक्षा से रहित होकर जो कर्मरूपी मल को धोने के लिए भक्तिपूर्वक जिनशास्त्रों को पढ़ता है, उसका श्रुत—लाभ स्व—पर सुखकारी होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवर – Vivara. The opening, cracks, holes, The big holes in the bottom of Lavan ocean celled as patal (Lower world). दरार, छिद्र, अंतराल, स्थान, अवकाश, लवण, समुद्र की तली में स्थित बड़े –बड़े खड, जिन्हें पाताल भी कहते हैं “
आहारक चतुष्क Quartet assimilation pertaining to Aharak Sharir. आहारक शरीर, आहारक अंगोंपांग, बंधन, संघात।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्धूतमोह – Nirdhootamoha. Destroyer of delusion. mohmommoमोह को जिन्होंने नष्ट कर दिया है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचारी – Brahmacari. A celibate. ब्रह्मचर्य व्रत को परिपूर्ण रूप से पालन करने वाला “
देवदारू Tree-Cedar, the initiation tree of Lord Parshvanath. पाश्र्वनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]