द्रव्य निक्षेप!
द्रव्य निक्षेप Substantive installing. द्रव्य का आगामी या पूर्व पर्याय की अपेक्षा कथन करना, जैसे राजपुत्र को राजा कहना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य निक्षेप Substantive installing. द्रव्य का आगामी या पूर्व पर्याय की अपेक्षा कथन करना, जैसे राजपुत्र को राजा कहना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्य – Vidha. Type, Part, manner, Pierce. प्रकार, भेद, छेद, अंश, पर्याय, भाग भंग, आदि शब्द एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुंज – Pumja. Accumulation, Offering of fistful rice before the Jaina Lord. समूह, भगवान के सामने बंधी मुठ्टी से चावल चढ़ाना पुंज कहलाता है “
द्रव्य आस्रव Physical or material influx. जीव में मिथ्यात्व आदि कारणों से पुद्गलों का कर्म रूप से आगमन होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाच्छंद श्रोता–Yathachchhand Shrota. Self–willed type of listener. श्रोता का एक प्रकार” स्वच्छंद प्रवत्ति करने वाला श्रोता जिसे विद्या देना संसार व भय को ही बढ़ाना है”
द्यूतक्रीडा Gambling, Betting etc. एक व्यसन- जुंआ देखना, जुआ लगाना, शर्त लगाना आदि कषाय रूप परिणाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म सूक्ष्म स्कंध – Sukshma Sukshma Skandha. Aggregate of two particles of a matter. पुदगल के मात्र दो परमाणु रूप स्कंध को सूक्ष्म सूक्ष्म स्कंध कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विध्दण (कवि) – Viddhanu (Kavi). Name of a poet. ज्ञानपंचमी अर्थात् श्रुत पंचमीव्रत माहात्म्य नामक भाषा छंद रचना के कर्ता एक कवि ” समय –वि. सं. १४२३ “
दैववाद Fatalism. भाग्यवाद एकांतमत जो मात्र दैव या भाग्य को ही मानते हैं, पुरूषार्थ को निरर्थक समझते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]