राजपिंड!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजपिंड – राजा आदि विषेश धनाढय व्सक्तियो के यहां से आहार ग्रहण करना।साधुओं के लिए ऐसे आहार ग्रहण करना निशेध है। Rajapinda-Food taking from kingly or royal families (Restricted from saints)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजपिंड – राजा आदि विषेश धनाढय व्सक्तियो के यहां से आहार ग्रहण करना।साधुओं के लिए ऐसे आहार ग्रहण करना निशेध है। Rajapinda-Food taking from kingly or royal families (Restricted from saints)
जगत्सृष्टा Supreme being, the creator of the universe. जगत् को बनाने वाला अर्थात् कर्मरूपी ईश्वर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत् The same (pronoun), that thing, A stringed musical instrument. सर्वनाम पद पूर्व प्रकरण में आये हुए अर्थ का परामर्शक होता है तार से बजाये जाने वाले वीणा आदि वाद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेषन्दीगिरी तीर्थ – मध्यप्रदेष के छतरपुर जिले में अवस्थित एक सिद्ध क्षेत्र जहां से वरदत्त आदि मुनि मोक्ष पधारे। इस क्षेत्र का दूसरा नाम नैनागिरी भी है। Resandigiri (Tirtha)-Name of a place of pilgrimage (Siddhakshetra) of M. P. It’s another name is nainagiri
जघन्य ज्ञान Minimum knowledge. पर्यायज्ञान ; सूक्ष्म निगोदया लब्ध्यपर्याप्तक के सबसे जघन्य ज्ञान होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार यंत्र A metallic plate engraved with some auspic-ious mystic words ¯amokåra Ma´tra or some numbers. णमोकार मंत्र या अंक लिखित धातु की प्लेट । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रैन मंजुषा – हंसद्वीप के राजा कनककेतू की पुत्री का नाम। सहस्त्रकूट चैत्यालय के कपाट खोलने से श्रीपाल से विवाही गई थी। Raina Manjusa-The daughter of king Kanakaketu of Hansdvip (island)
छाया-व्याख्या टीका A book written by Nagoji Bhatta. योगदर्शन साहित्य प्रवर्तक नागोजी भट्ट (ई.श. १७) कृत एक रचना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सल्लेखना काल – Sallekhanaa kaala. Time duration of Salekhana (holy death of saints). रागादि विकल्पों के कृष करने रूप भाव सल्लेखना तथा उसी के अर्थ में कायक्लेषादि के अनुष्ठान रूप् द्रव्यसल्लेखना है इन दोनों का आचरण करना सल्लेखना काल है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजद्रुम – चिरौंजी एक सूखे मेवे का वृक्ष। Rajdruma-The tree buchanania latifolia, A dry fruits tree