गंगादास!
गंगादास Disciple of Dharmachandra Bhattarak. धर्मचंद्र भट्टारक के शिष्य ई.सन् १६९०-१६९३ सम्मेद विलास ,सम्मेदशिखर पूजा, श्रुतस्कंध पूजा आदि के कर्ता । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गंगादास Disciple of Dharmachandra Bhattarak. धर्मचंद्र भट्टारक के शिष्य ई.सन् १६९०-१६९३ सम्मेद विलास ,सम्मेदशिखर पूजा, श्रुतस्कंध पूजा आदि के कर्ता । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व – Poorva. A particular time unit, 14 particular parts of scriptual knowledge (Shrutgyan). (1) काल का एक प्रमाण विशेष; 84 लाख पूर्वाङ् प्रमाण काल , (2) श्रुतज्ञान का एक भेद – जिसमें उत्पाद, व्यय, ध्रोव्य आदि की प्ररूपणा की जाती है उसे पूर्व कहते हैं” इसके 14 भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंगसावरण – स्त्रीयो का लिग सावरण कहा गया है। Limgasavarana-The female ascetics
खरभाग A part of the Ratnaprabha earth of hell. नरक की प्रथम पृथ्वी रत्नप्रभा के तीन भागों में प्रथम भाग .यह १६ हजार योजन मोटा एवं भवनवासी देवों का निवासस्थान है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
आचारांगधर Saints possessing knowledge of Achar Anga (a scriptural part).आचार रंग के ज्ञाता मुनि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
खंडोत्कीर्णकाल A fragmentary period. अंतरकरण; एक स्थिति खंडोत्कीर्णकाल में अंतर की निष्पत्ति होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजगप्रिया – Bhujagapriya. Name of a female beloved deity of a peripatetic deity Atikay’. अतिकाय नामक व्यंतर इंद्र की देवी का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांगलिका गति – विग्रहगति का एक भेद, दो मोडे वाली गति जो तीन सतय वाली होती है। Lamgalika gati-A kind of transmigratory motion
तुंबर A type of peripatetic deities. गनधर्व नामक व्यंतर जाति का एक भेद। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]