दर्शनाराधना!
दर्शनाराधना A type of devotional prayer of right faith. 4 आराधना में एक भेद, निर्दोष सम्यग्दर्शन की आराधना करना, इससे जीवादि सात तत्वों और उनके प्रतिपादक गुरू शास्त्रों पर श्रद्धान होते हैं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शनाराधना A type of devotional prayer of right faith. 4 आराधना में एक भेद, निर्दोष सम्यग्दर्शन की आराधना करना, इससे जीवादि सात तत्वों और उनके प्रतिपादक गुरू शास्त्रों पर श्रद्धान होते हैं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
दर्शन बाल जीव One ignorant with false belief. तत्वार्थश्रद्धान रहित मिथ्यादृष्टि जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पसेन – Puspasena. Name of a Digambar Acharya, the preceptor of Vadeebh Singh, Name of a poet. एक दिगम्बर आचार्य (ई. ७२०-७८०) एवं छत्रचूड़ामणि के कर्ता वादीभ सिंह के गुरु, कवि; द्विसंधान, सप्तसंधान काव्य टीका के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगंधी – Puspagamdhi. Name of the chief female divinity of peripatetic Indra Atikay. महोरग जाति के व्यंतरो के इन्द्र अतिकाय की वल्लभिका देवी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषार्थसिध्दयुपाय – Purusarthasiddhayupaya. A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. ९०५-९५५) द्वारा रचित एक श्रावकाचार एवं अहिंसा की विशेष व्याख्या करने वाला संस्कृत ग्रंथ, यह श्रावक एवं साधुओं द्वारा अवश्य पठनीय है “
तेजकायिक Fire bodied living beings. 5 स्थावर जीवों में एक अग्नि आदि में उत्पन्न जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]