भावशक्ति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशक्ति – Bhavasakti. Power of thinking. जीव की एक शक्ति; वर्तमान अवस्था (पर्याय) सहितरूप भाव शक्ति है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशक्ति – Bhavasakti. Power of thinking. जीव की एक शक्ति; वर्तमान अवस्था (पर्याय) सहितरूप भाव शक्ति है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म स्थूल स्कंध – Sukshma Sthoola Skandha. Invisible perceptible matters. स्कंधों के 6 भेदों में चैथा भेद । जो आंखों से दिखाई नहीं देते किन्तु शेष 4 इन्द्रियों से ग्रहण किये जाते है ऐसे स्कंधों को सूक्ष्म स्थूल स्कंध कहते है। जैसे – वायु, शब्द, गंध आदि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिपासा – Pipasa. Thirst, Desire, Craving. प्यास, तृष्णा, लालच “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुक्ष्मत्व गुण – Sukshmatva Guna. One of the 8 virtues of salvated soul obtained by the destruction of physique making Karmas (extremely subtle form). सिद्धो के 8 गुणो में एक गुण, यह नामकर्म के क्षय होने से प्रगट होता है। इन्द्रिय गोचर न होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायसुधा – Nyaaysudhaa. A book written by kashik & Someshvar bhatta. मीमांसा दर्शन प्रवर्तक काशिका व सोमेश्वर भट्ट कृत एक ग्रंथ “
ण The fifteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का पन्द्रहवाँ व्यंजन अक्ष्सार, इसका उच्चारण स्थान मूर्धा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुसीमा – Suseemaa. Mothr’s name of Lord Padmaprabhu. कौशाम्बी नगरी के राजा धरण की रानी एवं तीर्थकर पदमप्रभु की माता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाषाण – Pasana. The 16th earth (part) of the Khar division of Ratnaprabha earth of the lower hellish world, A type of listener- dull minded. अधोलोक में प्रथम रत्नप्रभा पृथ्वी के तीन भागों में से प्रथम खरभाग की सोलहवीं पृथ्वी. श्रोता का एक प्रकार; समझाये जाने पर भी जिनके ह्रदय में जिनवाणी का प्रवेश…
देवयश Name of the 19th Teerhankar (Jaina Lord) of Videh kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित 19 वें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्ग समीकरण – Varg Samiikaran.: Quadratic equation. ax2 + bx +c=0, इस तरह का एक गणितीय संबंध “