इत्थं स्वरूप!
इत्थं स्वरूप Definite/regular configuration. इस प्रकार का स्वरूप।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इत्थं स्वरूप Definite/regular configuration. इस प्रकार का स्वरूप।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्ष्मणा – राजा महासेन की रानी जो कि तीर्थकर चद्रप्रभ की माता थी। Laksmana-Mother’s name of lord Chandraphrabh
इन्द्रक निगोद Dwelling places of hellish beings. नरकों के इन्द्रक बिल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृदंगाकार–Mradngaakar. Truncated biconical shape, Drum–shaped. मृदंग के आकार का; ऊध्व्रलोक का आकार मृदंग जे समान है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धि – प्राप्ति सम्यक्त प्राप्ति की पूर्व सामग्री, क्षयोपषन विषुद्धि प्रायोग्य देषना करण 5 लब्धिया जीव मे संयम या संयमासंयम आदि को धारण करने की योग्यताएं। अंतराय के क्षयोपषन से प्राप्त षक्ति दान लाभ भोग उपभोग वीर्य क्षायिक आदि 9 लब्धियां। Labdhi-Attainment, Different types of gain for getting salvation
इंद्रिय रोध Sensual control. इन्द्रिय संयम इन्द्रियों को अपने आधीन रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तवचन Scriptural texts, preachings of the omniscient Lord. आगम जिन्होंने जन्म जरादि अठारह दोषों का नाश कर दिया है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगीन्द्रसागर – आचार्य समन्तिसागर महाराज अंकलीकर के एक प्रसिद्ध षिश्य बालाचार्य। समय ई ष 20 – 21 Yogindrasagara-Name of a saint, The disciple of Acharya shri Sanmatisagar maharaj
इन्द्रसुखोदय क्रिया An auspicious and sacred act (to empower deities with super power reg. heavenly space vehicles by Indra). 36 वीं गर्भान्वय क्रियाः इस क्रिया से इन्द्रपद को प्राप्त जीव देवों को अपने अपने विमानों की ऋद्धि प्रदान करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्तता Spiritual stage of Lord-Arihant. घातिया कर्मों के नाश से उत्पन्न अर्हंत अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]