देश चारित्र!
देश चारित्र A conduct of householder at the 5th stage of spiritual development. विकल चारित्र, श्रावक का पांचवे गुणस्थान का आवरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देश चारित्र A conduct of householder at the 5th stage of spiritual development. विकल चारित्र, श्रावक का पांचवे गुणस्थान का आवरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्योपजीवन – Vidyapajivana. A fault of food and hermitage related to saint (to attract donor with mystical knowledge). आहार एवं वसतिका का एक दोष; दातार को मंत्र तंत्रादि बताकर आहार एवं वसतिका प्राप्त करना साधु का विद्योपजीवी नामक दोष है “
तोता Parrot, Shap of the Viman of ‘Shukra’ Indra. एक पक्षी, शुक्र इन्द्र के विमान का आकार जिस पर बैठकर इन्द्र नंदीश्वर द्वीप की वंन्दना को जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदग्रहण :Comprehension of something with its different dimensions. ज्ञान में वस्तु को भेद या विकल्प सहित गृहण करना “
दुष्प्रकृष्ट With having much cruelty or wickedness. बुराई की उत्कृष्टता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरीत मिथ्यात्व – Viparita. Mithyatva. Belief in wrong theory or wrong religious con-ception. मिथ्यात्व के ५ भेदों में भेद; विपरीत धर्म को यथार्थ मानना ” जैसे – पशु यज्ञ से स्वर्ण मिलेगा, परिग्रह सहित भी निग्रर्थ होता है इत्यादि “
दूरार्थ Far reaching, far off (related to great personalities, places etc.). जो पदार्थ क्षेत्र से दूर है या काल की अपेक्षा राम , रावण आदि दूरार्थ कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतोत्तम – Bhutottama. A type of peripatetic deities. भूत जाति के व्यंन्तर देवों के सात भेदों में एक भेद “