पर प्रत्यय उत्पाद!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर प्रत्यय उत्पाद:See- Para Nimittaka Utpada.देखे निमित्तक उत्पाद ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर प्रत्यय उत्पाद:See- Para Nimittaka Utpada.देखे निमित्तक उत्पाद ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेदयबंधी प्रकृति – Svodayabamdhii Prakrti. Karmic natures causing binding with self rising. स्वयं के उदय के साथ बंधने वाली प्रकृतियाॅ। ज्ञानावरणी की 5, अंतराय की 5, दर्शनावरणी की चक्षुदर्शनावरणादि 4, तैजस शरीर, कार्मण शरीर, निर्माण, स्थिरयुगल, शुभयुगल तथा वर्णचतुष्क, अगुरुलधु और मिथ्यात्व इन 27 प्रकृतियो का स्वोदय से बंध होता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक विमान – Svaabhaavika Vimaana. Natural aboding places of heavenly deities. विमान के दो भेदो मे एक भेद-एक विक्रिया से उत्पन्न हुए और दूसरे स्वभाव से । विक्रिया से उत्पन्न हुए विमान विनश्वर होते है व स्वभाव से उत्पन्न हुए विमान रम्य, नित्य व अविनश्वर होते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्थान-स्वस्थान-अवस्थान – Svasthaana-Svasthaana-Avasthaana. Activity done by one in own birth place. अपने उत्पन्न होने के ग्राम, नगर अथवा अरण्य मे सोना, बैठ़ना, चलना आदि व्यापार से युक्त रहने का नाम स्वस्थान-स्वस्थान-अवस्थान है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांद्र – Saandra. Regular solid, Smooth, Beautiful. नियमित सान्द्र, धन, ठोस, चिकना, मृदु, सुन्दर।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य अणुव्रत – Satya Anuvrata. Vow of right & true speech. हित मित प्रिय वचन, सब जीवों को संतोषकारक वचन या धर्म का प्रकाशन करने वाले वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठातिलक- नेमिचन्द्र विरचित प्रश्ठिा की सम्पूर्ण विधी से समन्वित एक प्रतिष्ठा ग्रंथ। pratishthatilaka – a worshipping treatise written by shri nemi-chandra (related to consecratory installation of lord idols).
आहारशुद्धि Conceiving of wrong knowledge according to wrong preaching. मन,वचन,काय,द्रव्य,क्षेत्र व काल से आहार का शुद्ध होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशीपना- प्रदेषमय होना। pradesipana – characteristics of occupancy.