धूपघट!
धूपघट Aromatic & lustrous pots kept in Samavasharan – holy assembly of Lord. समवशरण की नाट्यशालाओं के आगे वीथियों के दोनों ओर धूपधूम्र से युक्त पात्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धूपघट Aromatic & lustrous pots kept in Samavasharan – holy assembly of Lord. समवशरण की नाट्यशालाओं के आगे वीथियों के दोनों ओर धूपधूम्र से युक्त पात्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चेतना Consciousness, Vigour, Vitality. जिस शक्ति के सानिध्य से आत्मा ज्ञाता- दृष्टा अथवा कर्ता – भोक्ता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धान्यरस Rice water, cereals juice etc. गेहूँ, सोयाबीन आदि का दूध एंव चावल का माँड आदि को धान्यरस कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिदम्बर An addressing word for one at the supreme spiritual state. चैतन्य ही है अम्बर अर्थात् वस्त्र जिनका , ऐसी अर्हन्त – सिद्ध आत्मा को चिदम्बर शब्द से संबोधित किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मोपदेशपीयूषवर्षा श्रावकाचार Name of a book. ई. सन् 1518-28 में रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घ्राण Nose-a smelling sense. नासिका ; ५ इन्द्रियों में तीसरी इन्द्रिय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्यानगृद्वि – Styanagraddhi. To commit abnormal activity in the state of somnambulism (walking habit in the sleeping state).5 निद्रांओ मे एक निन्द्रा, स्वप्न मे उठकर व्यक्ति कोई भयानक असाधारण कार्य करके पुनः सो जाये।
धर्मसेन Name of a great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas, Name of a Bhattarak. एक आचार्य ; 11 अंग 10 पूर्व के ज्ञाता 11 महामुनियों में 11 वें मुनि, भट्टारक; सप्त व्यसन चरित्र के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चलबिम्ब प्रतिष्ठा Installation ceremony of small idols. एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकने वाली प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिगुप्त – Samaadhigupta. The predestined 18th Tirthankar (Jaina-Lord). भाविकालीन 18 वें तीर्थकर है।