पति!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पति :Husband, the male life partner. यज्ञ, पूजा, प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यो के साथ स्त्री का विववाह जिसके साथ हुआ हो ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पति :Husband, the male life partner. यज्ञ, पूजा, प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यो के साथ स्त्री का विववाह जिसके साथ हुआ हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषनय – Vishesha Naya. A particular standpoint believing that the soul is non-extricated. अव्यापकता रूप कथन करने वाला नय ” जैसे – आत्मद्रव्य एक मोती की भांति अव्यांपक है, सदा से रहने वाले नर – नारकादि जीव का बोधन करना विशेष नय हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्या – Vidya. Knowledge, the power of exploring realities of some matter. शिक्षा या यथावस्थित वस्तु के स्वरूप का अवलोकन करने की शक्ति “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मख – Makha. A Sacrificial activity. याग, यज्ञ, पूजा आदि करना , पूजा विधि का पर्यायवाची शब्द “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == क्षणभंगुरता : == जन्म मरणेन समं, सम्पद्यते यौवनं जरासहितम्। लक्ष्मी: विनाशसहिता, इति सर्व भंगुरं जानीत।। —समणसुत्त : ५०७ जन्म मरण के साथ जुड़ा है और यौवन वृद्धावस्था के साथ। लक्ष्मी चंचला है। इस प्रकार (संसार में) सब कुछ क्षणभंगुर है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त नय – Sapta Naya. Seven kinds of standpoints. नैगम, संग्रह, व्यवहार, ऋजुसूत्र, शब्द, समभिरुढ़ व एवंभूत। इन सात नयांे मे प्रारंभिक तीन द्रव्यार्थिक नय तथा अंतिम चार पर्यायार्थिक नय कहलाते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शरीर नामकर्म प्रकृति –VaikriyikaSariraNamakarnnaPrakrti. A physique making Karmic nature of the formation of transformable body of deities & hellish beinghs. नामकर्म, जिसके उदय से विकार करने योग्य या बदलने योग्य देव या नारकियों का शरीर प्राप्त हो “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धाशुद्धोपयोग – Shuddhashuddhopayoga. Passionless and passionful conduct. शुद्ध व अशुद्ध उपयोग का मिश्ररूप “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्मति – Sanmati. The other name of Lord Mahavira, Name of the 2nd Kulkar (ethical Founder). भगवान महावीर का अपरनाम, यह नाम पालने मे झूलते बालक वद्र्वमान को देखकर संजय और विजय नामक चारण ऋद्विधारियो ने अपना संदेह दूर होने पर रखा था। प्रतिश्रुति कुलकर का पुत्र दूसरा कुलकर। इन्होने प्रजा को ज्योतिष विघा…