दुन्दुभक (दुन्दुभि)!
दुन्दुभक (दुन्दुभि) Name of a planet. एक ग्रह का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुन्दुभक (दुन्दुभि) Name of a planet. एक ग्रह का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यति सम्मेलन– Yati Sammelan. Conference of saints. दिगम्बर जैन सभी साधुओ (चतुर्विधसंघो) का एक जगह एकत्रित होना, मिलना” प्रति पाँच वर्ष में युगप्रतिक्रमण के नाम से संघों के मिलने का आगम प्रमाण मिलता है” श्रीधरसेनाचार्य ए समय वेणाक नदी के तट पर ऐसा यतिसम्मेलन हुआ था जहा से दो मुनि शिष्यों को उन्होंने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमी व्रत – Panchami vrata. A particular type of vow (fasting). पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद शु.5 को उपवास करना ” इसे आकाशपंचमीव्रत भी कहते हैं “
उग्रादित्य Name of a Brahmin leader. पूर्वार्द्ध के एक ब्राह्मण (ई.सन् 828) जिन्होंनं कल्याणकारक नामक एक वैद्यक ग्रंथ लिखा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति सत्त्व योग्य – Prakrti Sattva yogya. Karmic nature capable of remaining in exist-ence. सत्ता योग्य कर्म प्रक्रतियां जो १४६ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचनिद्रा – Panchanidraa. Five kinds of obscuring Karmas in gaining right perception. दर्शनावरणीय कर्म के 9 भेदों में 5 भेद; निद्रानिद्रा, प्रचला, प्रचलाप्रचला, स्त्यानगृद्धि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तु – Vastu.: A typr of scriptural knowledge (Shrutgyan),Substance, Matter,Object. श्रुतज्ञान के बीस भेदों में 17वां भेद ” सत्ता,सत्व ,द्रव्य ,वस्तु आदि एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगसंबंध – Sanyoga Sambandha. A synthetical relation. पृथक् सिद्ध पदार्थों के मेल को संयोग संबंध कहते हैं “
दूर दर्शित्व ऋद्धि A supernatural power of super-distantial attainment of vision. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को चक्षु इन्द्रिय के उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन दूर स्थित वस्तु को देखने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]