सहज!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहज – Sahaja. Natural, Simple. स्वाभाविक ।
उदयचन्द्र Name of an Acharya of Nandi group, Name of a poet. नन्दी]संघ (देशीयगण) की नयकीर्ति शाखा के एक गुरू अपभ्रंश कवि इनकी प्रधान कृति सुअंधदहमीकहा है (समय ई. सन् ११५० ११९६) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य अजघन्य The lowest (minimum) and the other than lowest. सबसे छोटा पद जघन्य एवं जघन्य से आगे के सभी विकल्प अर्थात् जघन्य से भिन्न सब भेद अजघन्य स्वरुप हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तार रूचि –VistaraRuchi. Those having interest of thorough study. शिष्यों के तीन भेदों, में एक भेद, विस्तार से समझने की रूचि रखने वाले शिष्य “
तत्वर्णिनीषु One who wants to determine the truth. जो च को ज्ञात करना चहाता है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य परीतानंत A mathematical term of infinite measure. जघन्य असंख्यातासंख्यात को तीन बार वर्गित संवार्गित करके उसमें द्रव यों के प्रदेशों आदि रूप में कुछ राशियाँ जोड़ना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार मंत्र ‘‘Namo Arihantanam, Namo Siddhanam, Namo Ayariyanam, Namo Uvajjhayanam, Namo Loe Savvasahunam.’’ It is an omnipotent Mantra (an assemblage of super auspicious mystic words) of Jaina religion. णमो अरिहंताणं, णमों सिद्धाणं, णमोआयरियणं, णमो उवज्झायाणं, णमों लोएसव्व्साहूणं यह जैन शासन का मूलमंत्र (सर्वशक्तिमान मंत्र) है , जिसमें परमेष्ष्ठियों अर्थात् अरहन्त, सिद्ध, आचार्य , उपाध्याय, और…
द्विचरमावली A time period (last 2 Avali). अंतिम दो आवली। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]