बहुफणा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुफणा- बहुत सारे फण सहित। जैसे-शत या सहस्त्रफण वाले पाश्र्र्नाथ भगवान की प्रतिमाए। Bahuphani – Multi-headed
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुफणा- बहुत सारे फण सहित। जैसे-शत या सहस्त्रफण वाले पाश्र्र्नाथ भगवान की प्रतिमाए। Bahuphani – Multi-headed
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयविघान – एक पूजा ग्रथ जिस पर पं आषाघर (इ्र, 1173 – 1243) ने सेस्क्रत में टीका लिखी है। Ratnatrayavidhana- Name of a worshipping book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्लक्ष – पद्पुरण के अनुसारसिताल्नाथ भगवन के दीक्षा वृक्ष का नाम ” महापुराण के अनुसार ये वृक्ष बेल का है ” Plaksa- Name of the initiation tree of lord Sheetalnath
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगेन्दु देव – परमात्मप्रकाष योगसार, अध्यात्मसंदोह दोहापाहुड सुभाशित तं़त्र नौकार श्रावकाचार आदि संस्कृत अपभ्रंष ग्रंथों के रचियता एक दिगम्बराचार्य। समय ई ष – 6 Yogemdu Deva-Name of a great digambar, Acharya saint
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रति – नोकशाय का एक भेद; जिसके उदय से विशय में प्रीति हो Rati- sensual, pleasure, passion, love
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच – Sankoca. Narrowness, Contraction. सिकुड़ना, संक्षेपण, सहमना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लगड षयासन तप – कायक्लेष तप का एक भेद, षरीर को संकुचित करना। Lagada sayyasana tapa-A kind of austerity, sleeping with Shrunk limbs
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकर – Sankara. Hybrid, Cross-breed, Something mixed. सम्मिश्रण, मिलावट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रीति क्रिया- गर्भान्वय की 53 क्रियाओं में एक क्रिया; इसमें गर्भाधान के तीसरे मास में जिनेद्र देव की पूजा की जाती है। Priti Kriya- An auspicious act of religious observances ( to be done in 3rd month of pregnancy)