प्रज्ञावती!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञावती – Pragyaavatee. Mother’s name of Lord Mallinath. मल्लिनाथ भगवान की माता का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञावती – Pragyaavatee. Mother’s name of Lord Mallinath. मल्लिनाथ भगवान की माता का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक – Vipaka. Fruition of karmas. कर्मों का फल देना अथवा द्रव्य, क्षेत्र, काल, भव, भाव इन ५ निमित्तों के द्वारा कर्मों का अनेक प्रकार से पाक होना अथवा फल देना “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिथ्या श्रुतज्ञान–Mithya shrutagyan. False scriptural knowledge. मिथ्यादर्शन के उदय के साथ श्रुतज्ञान मिथ्या श्रुतज्ञान कहलाता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] माणिक्यनंदि – Manikyanamdi. Name of the disciple of Ratnanandi and pre-cepter of Magehchandra, and the disciple of Acharya Ramnandi. नंदिसंघ बलात्कारगण में रत्ननन्दी के शिष्य तथा मेघचंद्र के गुरु (ई. सं. ६६३-६७९), आचार्य रामनंदी के शिष्य परीक्षामुख सूत्र के कर्ता आचार्य (ई. स. १००३-१०२८) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेद पक्ष:Acceptance of something with alternative viewpoints. द्रव्य को गुण व पर्याय की अपेक्षा ग्रहण करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृषभसेन – Vrsabhasena. The younger brother of Bharat Chakravarti, who became first chief disciple of Lord Rishabhdev.Name of a king of Rajgrahi city. भरत चक्रवर्ती के छोटे भाई जो की पुरिमतालपुर के राजा थे ये भगवन ॠषभदेव के प्रथम गणधर बने राजगृही के एक राजा का नाम जिन्होने तीर्थकर मुनिसुव्रत को आहार…
देवाग्नि Name of the 12th chief disciple of Lord Rishabhadeva. भगवान ऋषभदेव के 12 वें गणधर का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाकाल उदय–Yathakala udaya Fruition of karmic nature on maturity. स्तिथिपूर्ण होने पर समय पर कर्मो का उदय में आना “
त्रसित The 10th Patal (layer) of the1st hell. प्रथम नरक का दसवाँ पटल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ऐहिक फलानपेक्षा Quality of selfless donation. दाता का पहला गुण-दान देने पर लौकिक फल की इच्छा न करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]