योगसूत्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसूत्र – योगदर्षन के सिद्धान्त आदि। व्याकरणकार पातंजलि के द्वारा संचालित सूत्र जिस पर व्यास ने भाश्य लिखा है। समय ई पू 4। Yogasutra-The principle of yoga philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसूत्र – योगदर्षन के सिद्धान्त आदि। व्याकरणकार पातंजलि के द्वारा संचालित सूत्र जिस पर व्यास ने भाश्य लिखा है। समय ई पू 4। Yogasutra-The principle of yoga philosophy
उत्तरधन Common sum. चयधन-एक कम पद के आधे का चय से और गच्छ से गुणा करने पर प्राप्त राशि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत – Pota. A type of foetus birth. गर्भ जन्म का एक भेद; जो गर्भ से बाहर निकलते ही चलने फिरने में समर्थ होता है उसे पोत कहते हैं, जैसे- हिरण , शेर, चीता आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिर्वाणसंप्राप्तिक्रिया – गर्भान्वय की एक क्रिया इसमे साधक सल्लेखना में स्थिर होकर राग आदि दोशो को छोडते हुए षरीर कृष करता हुआ मोक्ष का ही चितन करता है। Yoganirvanasampraptikriya-Aversion from all attachments for getting salvation (reg. holy death of a saint, an auspicious activity)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगप्रत्यय – कर्मबंध का एक कारण, मन वचन काय की षुभ – अषुभ क्रिया। Yogapratyaya-Auspicious & inauspicious activity of mind speech & body (a reason for karmic binding)
एकांतिक Directed towards one object, one place or region. नियम से एकांत से संबंधित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगद्वार – आस्त्रव, आत्मा से बंधने के लिए कर्मो का योगरूपी नाली के द्वारा आना। Yogadvara-path of inflow of karmas into soul
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलदेव – Vimaladeva. The writer of ‘Nayachakra’, spiritual teacher of Shridevsen. नयचक्र के रचयिता श्रीदेवसेन के गुरु (वि. ९६५,ई.९०९) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामायण जैन – ई सन् 1275 में एक कन्नड कवि कुमुदेन्दु द्वारा रचित एक ग्रंथ। Ramayan (jaina)-A religious treatise written by kannad poet Kumudendu