षट्प्राभृत टीका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्प्राभृत टीका – Satpraabhrita Teekaa. The Sanskrit commentary book on ‘Shatprabhrit’ treatise. कुन्दकुन्द आचार्य के षट्प्राभृत की आचार्य श्रुतसागर (ई. सन् 1487-1533) कृत संस्कृत टीका “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्प्राभृत टीका – Satpraabhrita Teekaa. The Sanskrit commentary book on ‘Shatprabhrit’ treatise. कुन्दकुन्द आचार्य के षट्प्राभृत की आचार्य श्रुतसागर (ई. सन् 1487-1533) कृत संस्कृत टीका “
गंधा An area of western videh (region). अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट् आवश्यक – Sat Aavashyaka. Six essential duties of Jaina saints. मुनियों के 6 आवश्यक कर्त्तव्य; सामायिक, वंदना, स्तुति,प्रतिक्रमण, स्वाध्याय और कार्योत्सर्ग “
चक्रेश See – Cakravartî. चक्ररत्न के स्वामी , देखें- चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेतपंचमी व्रत – Shvetapanchami Vrata. A particular & procedural vow (fasting). ऐसा व्रत जिसमे आषाढ, कार्तिक व फाल्गुन तीनों में से किसी भी मास में प्रारम्भ करके 65 महीनों तक प्रत्येक मास शुक्ल 5 का उपवास किया जाता है व त्रिकाल नमस्कार मंत्र का जाप किया जाता है “
चंद्रग्रहण An eclipse of the moon. राहु का चन्द्रमा को आच्छादित करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेणीबद्ध – Shreneebaddha. Sequential; the dwelling & aboding places of hell & heaven (i.e. Bil & Viman respectively). स्वर्ग व नरक के श्रेणीबद्ध विमान व बिल, चारो दिशाओं व विदिशाओ में पंक्ति रूप जो विमान व बिल हैं उनकी श्रेणीबद्ध संज्ञा है “
गन्धर्वदेव A type of peripatetic deities. व्यन्तर देवों का एक प्रकार । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुह्यक भगवान महावीर का शासन देव (अपरनाम-मातंग यक्ष), देवों की एक जाति; जो देव तीर्थंकरों के कल्यानाकों तथा विहार के समय रत्नवृष्टि औत पुष्पवृष्टि करते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतभावना – Shrutabhaavanaa. A kind of auspicious reflection. 5 उत्तम भावना में एक भावना; श्रुतभावना करना अर्थात् तद्विषयक ज्ञान में बारम्बार प्रवृत्ति करना “