इच्छा!
इच्छा Desire, Will. अभिलाषा कामना।[[श्रेणी:शब्दकोष]][[श्रेणी:पुत्री]]
दशार्ण Eastern part of Malwa, A country of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). मालवा का पूर्व भाग, भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का देश ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तोयस्तम्भिनी A supernatural power of propping water. जल का स्तम्भन करने वाली एक विद्या, रावन ने यह सिद्ध की थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय उपगूहन – Nishchaya Upgoohana. Absolutely free from all passion. मुनि अवस्था में सिद्धों की अर्थात् शुद्धात्मा की भक्ति से युक्त होना और रागादी भावों से युक्त नहीं होना अर्थात् अपने निरंजन-निर्दोष आत्मा को दूषित करने वाले मिथ्यात्व रागादि विभावधर्मों का विनाश करना “
दश द्वार Ten means of air–exit in the body. प्राणायाम करी वायु निकलने के सूक्ष्म छिद्र तालुन्ध्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शशि – Shashi. The Moon, A king of Ikshvaku dynesty. चंद्रमा, इक्ष्वाकुवंशी एक राजा जो रवितेज का पुत्र था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निवृत्त्यपर्याप्त – Nirvrttyapaparyaapta. Period of completion of eligible state (i.e. 6 Paryaptis) for body making in (Antarmuhurta). पर्याप्ति नामकर्म के उदय से युक्त जीव के जब तक शरीर पर्याप्ति पूर्ण न हो उतने काल तक उसे निर्वृति अपर्याप्त कहते है (अर्थात्एक समय कम शरीर-पर्याप्ति सम्बन्धी अन्तर्मुहूर्त पर्यत्न काल)” इस अवस्था को सर्वज्ञ ही जानते…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयम – Sanyama. Abstinence, Restraints, Mortification. व्रत समिति आदि रूप से प्रवर्तना अथवा विशुद्धात्मध्यान में प्रवर्तना संयम है ” 5 इन्द्रिय और मन का वशीकरण तथा षट्काय के जीवों की रक्षा करना “
उपशामक Calming, Pacifying . जो जीव कर्मों के उपशामक करने में व्यापार करते हैं उन्हें उपशामक कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]