भक्ति!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्ति – Bhakti. Eulogical devotion for Lord. अर्हत आदि के गुणों में अनुराग रखना भक्ति है अथवा निज परमात्म तत्त्व के सम्यक् श्रध्दान – अवबोध – आचरण स्वरूप शुद्ध रत्नत्रय परिणामों में अनुरक्त रहना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्ति – Bhakti. Eulogical devotion for Lord. अर्हत आदि के गुणों में अनुराग रखना भक्ति है अथवा निज परमात्म तत्त्व के सम्यक् श्रध्दान – अवबोध – आचरण स्वरूप शुद्ध रत्नत्रय परिणामों में अनुरक्त रहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरावली – Prataraavalee. Squar of Aavalee ( a time unit). आवली का मार्ग “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवभिघ – Bhavabhidya. One destroyer of worldy transmigration, An epi- thet for the devotional prayer of Lord Arihant. संसार का भेदन करने वाली जिनभक्ति का विशेषण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पनंदी – Puspanamdi. A disciple of Toranacharya & the preceptor of Prabhachandra. आप तोरणाचार्य के शिष्य और प्रभातचन्द्र के गुरु (ई. ७०३) थे “
द्वीपसागरप्रज्ञप्ति A type of scriptural knowledge (shrutgyan). अंग श्रुतज्ञान का एक भेद, दृष्टिवाद (12 वें अंग) का एक भेद; जिसमें असंख्यात द्वीप व सागरों का 52 लाख 36 पदों में वर्णन है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करावती – Puskaravati. Name of a palace of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती का एक महल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषदत्ता – Purusadatta. Ruling female demigod of Lord Sumatinath. भगवान सुमतिनाथ की शासन देवी (यक्षिणी) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणाली – Pranaalee. Particular method, System, Water channel, Drain. पद्धति, जलमार्ग, नाली
उदयापन्न To be in operation (of Karmic fruition). उदय को प्राप्त।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रचाला – Prachalaa. Drowsiness (Karmic nature causing drowsiness). दर्शनावरण कर्म का एक भेद; जिसके उदय से प्राणी नींद में भी कुछ जागता है और कुछ सोता है “