गोपुच्छक!
गोपुच्छक A group of Digambar Jain saints. दिगंबर साधुओं का एक जैनाभासी संघ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोपुच्छक A group of Digambar Jain saints. दिगंबर साधुओं का एक जैनाभासी संघ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हयग्रीव – भ्ंलंहतपपअंण् छंउम व िजीम 8जी चतमकमेजपदमक च्तंजपदंतंलंदण् भावीकालीन 8वे प्रतिनारायण का नाम।
गूढ़ब्रह्मचारी Imperfect celibates or saints (readopting worldly life later on). जो कुमार अवस्था में मुनि होकर मुनियों के पास विद्याभ्यास करें, फिर असमर्थ होकर व राजा आदि की प्राणना से गृहस्थ में आ जावें ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हंसगर्भ – Hammsagarbha. Name of the 10th city situated in the north of vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की उत्तर श्रेणी का 10 वां नगर।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परद्रव्य:Alien substance-any substance other than self. आत्म द्रव्य से अन्य समस्त सचित्त एवं अचित्त द्रव्य ।
गुणवर्म Name of a poet, the writer of ‘Pushpadant Puran’. पुष्पपदन्तपुराण के कर्ता , कर्नाटक के एक जैन कवि (ई.१२३०)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थ – Svaartha. Spiritual upliftment of own soul. प्रोपकार की अपेक्षा न करके स्व-अर्थ अर्थात् आत्मकल्याण करना।
गति प्रायोग्यानुपूर्वी Pretransmigratory succession of one’s body. विग्रहगति में पूर्व शरीर का आकार विनाश नहीं होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वात्म रक्षा – Svaatma Raksaa. Self defence, the principle of non-violence. शुद्व भाव या आत्म रक्षा। आगम मे स्व और अन्य प्राणियो की अहिंसा का सिद्वान्त स्वात्म रक्षा के लिये ही है।