तदुभयसारी ऋद्धि!
तदुभयसारी ऋद्धि A type of super natural power. बुद्धि ऋद्धि का एक उपभेद जो बुद्धि नियम अथवा अनियम से एक बीजशब्द को ग्रहण करके उपरिम अधस्तन ग्रंथ को एक साथ जानती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तदुभयसारी ऋद्धि A type of super natural power. बुद्धि ऋद्धि का एक उपभेद जो बुद्धि नियम अथवा अनियम से एक बीजशब्द को ग्रहण करके उपरिम अधस्तन ग्रंथ को एक साथ जानती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रहारसंक्रामिणी विधा- एक मन्त्र विधा। धरणेन्द्र द्वारा नमि और विनमि को प्रदतत लोकहितकारिणी एक विधा। Praharasamkramini Vidya- A type of magical power of mystic word
तदुभय वक्ताव्यता A type of statement or exposition. वक्ताव्यता के 3 भेदों में एक भेद स्वसमय , परसमय दोनों का निरूपण करके जहां पर समय को दोषमुक्त दिखलाकर स्वसमय की स्थापना की जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात गुणवृद्धि – Sankhyaata Gunavriddhi. Multiplicative increase in numbers. किसी संख्या का संख्यात गुणा किसी में बढ़ाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसारिताबाहु तप – कायक्लेष तप; दोनो बाहों को ऊपर करके खड़े होना। Prasaritabahu Tapa- A type of physical mortification, an external austerity
गुंजाफल A traditional weighing unit. तौल का एक प्रमाण , २ धान्यमाण फल=१ गुन्जाफल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुविध- मतिज्ञान का एक भेद; बहुत प्रकार के अलग-अलग पदार्थो का ज्ञान होना। Bahuvidha- A type of sensory knowledge pertaining to many objects
तत्वार्थबोध A book written by Pandit Budhjana. पं. बुधजन (ई.श. 1814) द्वारा रचित तत्वार्थ विषयक एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्या – Sankhyaa. Numbers or meaningful numbers, One of the eight Anuyogdvars (disquisition doors). गिनती, सत् प्ररूपणा में जो पदार्थों का अस्तित्व कहा गया है, उनके प्रमाण का वर्णन करने वाली संख्या हैं ” जीवादि पदार्थों के भेदों की गणना, यह 8 अनुयोग द्वारों में दूसरा अनुयोग द्वार है “
आनुपूर्वी नामकर्म प्रकृति A type of Karmic nature causing same shape of the soul-points of beings as the shape of their previous birth. जिसके उदय से विग्रहगति में आत्म प्रदेशों का आकार पिछले (छोडे़ हुए) शरीर के आकार का हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]