भूधरदास!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूधरदास – Bhudharadasa. Name of a writer who wrote Parshvanath Puran, Pada Sangrah (poetic compositions) etc. many great books. पाशर्वनाथपुराण; जैन शतक, पद संग्रह आदि के कर्ता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूधरदास – Bhudharadasa. Name of a writer who wrote Parshvanath Puran, Pada Sangrah (poetic compositions) etc. many great books. पाशर्वनाथपुराण; जैन शतक, पद संग्रह आदि के कर्ता “
खंडित Division of any quantity, Wornout, Mutilated. गणित की भागाहार विधि में भाज्य राशि को भागाहार करना, मूर्ति आदि का कोई हिस्सा टूट जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाश स्वभाव – Prakasha Svabhava. Luminous nature. तेजस्व प्रकृति “
उज्जवलित Made bright, Radiant, The 7th layer (Patal) of the 3rd hell. प्रकाशवान दीप्तिमान् तीसरे नरक का सातवाँ पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुवनाम्बिका – Bhuvanambika. An addressing word for Marudevi-mother of Lord Rishabhadev. मरूदेवी जिन्हें वृषभदेव भगवान की जननी होने से भुवनाम्बिका (अर्थात् जगत माता) नाम से सम्बोधित किया गया था “
उञ्छवृत्ति Livlihood by collecting the remaining food-grains from the field after harvesting. फसल कटने के बाद खेत से धान्य को बीनकर लाना एंव पकाकर खाना उञ्छवृत्ति कहलाती है। जीवंधर स्वामी की माँ रानी विजया ने 16 वर्ष तक तापसियों के आश्रम में रखकर उ॰छवृत्ति से जीवन यापन किया था ऐसी कथा का जीवंधर चंपू में…
खण्डकल्पना Imagination of partition-region(of indivisible matters like sky etc.) विभाग कल्पना; आकाश द्रव्य अविभागी (अखण्ड) है फिर भी उसमें (प्रदेशरूप) खण्ड कल्पना हो सकती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == श्रम : == इह लोगणिरावेक्खो, अप्पडिबद्धो परम्मि लोयम्हि। जुत्ताहार—विहारो, रहिदकसाओ हवे समणो।। —प्रवचनसार : ३-२६ जो कषायरहित है, इस लोक में निरपेक्ष है, परलोक में भी अप्रतिबद्ध (अनासक्त) है और विवेकपूर्वक आहार–विहार की चर्या रखता है, वही सच्चा श्रमण है। आगमहीणो समणो णेवप्पाणं परं वियाणादि। —प्रवचनसार : ३-३०…
उज्जह दोष A fault of Samadhimarana (holy death). समाधिमरण कराने वाला निर्यापक साधु यदि अकेला हो और वह आहारादि को जावे जो समादिमरण करने वाले क्षपक साधु का मन विचलित हो जावे तो धर्म का अपयश हो ऐसा दोष उज्जह दोष है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]