सचित्त द्रव्य शल्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त द्रव्य शल्य – Sachitta Dravya Shalya. A type of material sting; servants etc. animate objects. द्रव्य शल्य के तीन भेदों में एक भेद; दास आदि सचित्त द्रव्य शल्य है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त द्रव्य शल्य – Sachitta Dravya Shalya. A type of material sting; servants etc. animate objects. द्रव्य शल्य के तीन भेदों में एक भेद; दास आदि सचित्त द्रव्य शल्य है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्यैशता – Vidyaishta. Supernatural power with supreme authority; an excellence of omniscience. केवलज्ञान का एक अतिशय; विद्याओं की ईशता या सभी विद्याओं का ईशवरपना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवृत्त-विवृत्त – Sanvrtta-Vivrtta. A type of female genital organ with having some hidden & some opened portion. योनि के 9 भेदों में एक भेद; जो योनि स्थान कुछ ढका हुआ और कुछ खुला हुआ हो “
उत्तरधन Common sum. चयधन-एक कम पद के आधे का चय से और गच्छ से गुणा करने पर प्राप्त राशि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत – Pota. A type of foetus birth. गर्भ जन्म का एक भेद; जो गर्भ से बाहर निकलते ही चलने फिरने में समर्थ होता है उसे पोत कहते हैं, जैसे- हिरण , शेर, चीता आदि “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्यात् : == नियमनिषेधनशीलो निपातनाच्च य: खलु सिद्ध:। स स्याच्छब्दो भणित:, य: सापेक्षं प्रसाधयति।। —समणसुत्त : ७१५ जो सदा नियम का निषेध करता है और निपात रूप से सिद्ध है, उस शब्द को ‘स्यात्’ कहा गया है। यह वस्तु को सापेक्ष सिद्ध करता है।
एकांतिक Directed towards one object, one place or region. नियम से एकांत से संबंधित।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव – स्वभाव – Vibhava – Svabhava. Nature contrary to the real nature. कर्मबंध के प्रकरण में रागादि परिणाम भी अशुद्ध निश्चयनय से जीव के स्वभाव कहे जाते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलदेव – Vimaladeva. The writer of ‘Nayachakra’, spiritual teacher of Shridevsen. नयचक्र के रचयिता श्रीदेवसेन के गुरु (वि. ९६५,ई.९०९) “