शून्यघर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यघर – Shunyaghara. Peaceful and solitude-place like caves etc. (for saints’ staying). वसतिका; साधू के ठहरने के लिए एकांत गुफा, वेइक्ष की कोटर आदि शून्य स्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यघर – Shunyaghara. Peaceful and solitude-place like caves etc. (for saints’ staying). वसतिका; साधू के ठहरने के लिए एकांत गुफा, वेइक्ष की कोटर आदि शून्य स्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समारंभ – Samaarambha. Preparation (of means). कार्य साध्य के लिये साधनों का इकट्टा करना समारंभ है। या साधनों का जुटना समारभ है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पौराणिक – Pauranika. Mythological, Mythical, Fabulous (pertaining to events etc.). इतिहास प्रसिध्द या पुराणों से संबध्द घटनाएं आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ्र – Shubhra. Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर; इसे राजासूर्य ने बसाया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तूप -Stuupa. A dome shaped structure ( a type of creation in the samavasharana, the assembly of Lord).समवषरण रचना का एक अंग। ये समवषरण की वीथियो के मध्यभाग मे बनाये जाते है। अर्हत और परमेष्ठियो की प्रतिमाये इनके चारो और स्थापित की जाती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुपुत्रक – Manuputraka. A kind of Vidyadhar dynasty. आर्य विद्याधरों की 8 उत्तर जातियों में एक जाति , जो मानस्तम्भ के निकट बैठते हैं , लाल वस्त्रों एवं मणियों के आभूषणों से युक्त होते हैं “
चल Moving, Unsteady, Restless, A fault of right perception (pertaining to passions). जो कुछ काल तक स्थिर रहकर चलायमान हो जाता है . सम्यग्दर्शन के तीन दोषों में एक दोष ; जल कल्लोल की तरह नाना विषयों में चलायान रहना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरोपनिधा: A sequence related to gradation.श्रेणी प्ररूपणा-जहा पर दुगुणत्व और चतुर्गुणत्व आदि की परीक्षा की जाती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयदत्त – Vinayadatta. Name of a Acharya possessing knowledge of purvas (part of scriptural knowledge – Shrutgyan). मूलसंघ पट्टावली के अनुसार लोहाचार्य के पश्चात् हुए पूर्वधारी आचार्य ” समय – वी.नि. ५६५-५८५ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभा – Shubhaa. The capital city of Ramaniya country of Videh Kshetra(region). विदेह क्षेत्र के रमणीय देश की राजधानी “