र्हं!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] र्हं – एक मंत्र – ये जिनेन्द्र भगवान का वाचक है। Rham-A spiritual and mystical word of meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] र्हं – एक मंत्र – ये जिनेन्द्र भगवान का वाचक है। Rham-A spiritual and mystical word of meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध पारिणामिक भाव – Shuddha Paarinaamika Bhaava. Eternal nature of a matter. अनादिकालीन पारिणामिक स्वभाव; उसका व्यय और उदय नहिन होता किन्तु वह स्थिर रहता है जिसे ध्रौव्य कहते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगरस:A kannad poet who wrote ‘Nemi Jineshwar Sangati’ etc. books. नेमि जिनेश्वर संगति और सम्यक्त्व कौमुदी के रचियता एक कन्नड़ कवि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राज्योत्तम – रूचक पर्वत पर स्थित एक कूट। यहां रूचकदेवी का निवास है जो तीर्थकर के जन्म में सेवार्थ जाती है। Rajyottama-A summit situated at mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्षेपिणी कथा – Vikshepinii Kathaa.: Right religious speech which emphasizes on right principles. 4 धर्मकथाओं में एक धर्मकथा;ऐसी कथाओं से मिथ्यामतों का खंडन किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ललित कीर्ति – यषकीर्ति न 3 के गुरू और रत्ननंदी द्वि के षिक्षा गुरू। समय ई – 1214, काश्ठसंघी जगतकीर्ति के षिश्य एक मंत्रवादी। कृति महापराण टीका। नंन्दीष्वर व्रत आदि 13 कथाएं। Lalitakirti-Name of saints-(1) Spiritual teacher of ratnanandi-II (2) The disciple of Jagatkirti of Kashtha Group
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकल्पनय – Vikalpanaya.: One of the standpoints considering soul as man (child ,young or old aged). 47 नयों में एक नय;जो आत्मद्रव्य को बालक ,कुमार ,वृद्ध ऐसे एक पुरुष की भांति सविकल्प मानता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रश्मिवेग – पुश्कलावती के विजयार्ध पर त्रिलोकोत्तम नगर के राजा विद्युतगति का पुत्र था।युवावस्था में दीक्षित हुआ, योग में लीन स्थिति में एक अजगर निगल गया।समाधिपूर्वक मरने से अच्यूत स्वर्ग के पुश्कर विमान मे देव हुअ्रा। Rasmivega-The son of kind Vidyutgati of Trilokottam city situated in Pushkalavati country of Vijayardh mountain
गुण गुणी भेद Distinction between the virtues & the virtuous one. भेद स्वभाव;गुणगुनी में संज्ञा ,संख्या,लक्षण और प्रयोजन की अपेक्षा भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवाह – Sanvaha. A type of township; prosperous place. नगरों का एक प्रकार ” जहां मस्तक तक ऊचें ऊचें धान्य के ढेर लगे रहते हैं वेह संवाह नगर कहलाता हैं ” समुन्द्र की बेला से वेसिस्ट स्थान “