उदासीन!
उदासीन Passive, Indifferent, Neutral. तटस्थ निःस्पृह तत्ववेत्ता जगत के समस्त तत्वों में मैं और मेरेपन का संकल्प न होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदासीन Passive, Indifferent, Neutral. तटस्थ निःस्पृह तत्ववेत्ता जगत के समस्त तत्वों में मैं और मेरेपन का संकल्प न होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == जयश्री : == सव्वायरेण रक्खह तं पुरिसं जत्थ जयसिरी वसइ। अत्थमियम्मि मियंके तारेहिं न कीरए जोण्हा।। —गाहारयण कोष : ७८० जिस पुरुष में जयश्री निवास करती है, उसका सब प्रकार आदर के साथ रक्षण करो क्योंकि चन्द्र के अस्त होने पर तारों से प्रकाश नहीं होता। सुच्चिय सूरो…
उदीरक Who is involved in fruitional operations of Karmas. उदीरणा करने वाला ज्ञानावरणीय दर्शनावरणीय और अंतराय इन तीन कर्मोंकी उदीरणा करने वाले (मिथ्यादृष्टि से लेकर क्षीण कषाय पर्यंत) जीव उदीरक कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदकल्पना – निरपेक्ष – शुद्ध – द्रव्यार्थिक नय –A viewpoint explaining the solitariness in properties (virtues) and its possessor (matter). नय; जिसकी अपेक्षा द्रव्य निज गुण पर्यायों के स्वभाव सेअभित्र है तथा एक स्वभावीहै “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषणशाला: Name of a aboding or dwelling place of deities.भवन वासी देवों के भवनों में एक ग्रह का नाम।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंगल – सनत्कुमार स्वर्ग का 5 वां पटल या इन्द्रक, बलभद्र राम का एक हल रत्न। Lamgala-The 5th patal (Layer) of Sanat Kumar heaven, Name of a plough-a jewel of Lord Ram
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनःशिल- Manah sila. Name of an island and ocean of middle universe. मध्यलोक का एक द्वीप व सागर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल परमात्मा – Sakala Parmaatmaa. The supreme soul with body (devoid of all Karmas). घातिया कर्मों से रहित परमौदारिक शरीर में स्थित अर्हन्त परमात्मा
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पात्र – Satpaatra. Reverential persons (perfect to get donation). जिनको दान दिया जाता है, ऐसे सत्पात्र, कुपात्र, अपात्र रूप तीन पात्रों में से एक ” सत्पात्र के तीन भेद हैं- 1. उत्तम सत्पात्र- नग्न दिगम्बर साधु, 2. मध्यम सत्पात्र- आर्यिका, क्षुल्लक, ऐलक तथा प्रतिमाधारी श्रावक, 3. जघन्य सत्पात्र- व्रत रहित सम्यग्दृष्टि श्रावक “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावानुराग – Bhavanuraga. Emotional attachment with reality. अनुराग के ४ भेड़ों में एक भेद; तत्व श्रध्दान होना “