स्वपर विवेक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपर विवेक – Svapara Viveka. Right & real knowledge (discriminating self & others).सम्यग्दर्शन, जीव-अजीव की पहचान अर्थात् वस्तु स्वरुप का ज्ञान।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपर विवेक – Svapara Viveka. Right & real knowledge (discriminating self & others).सम्यग्दर्शन, जीव-अजीव की पहचान अर्थात् वस्तु स्वरुप का ज्ञान।
जयकीर्ति Name of the 10th predestined Teerthankar (Jaina Lord), An Acharya of Kashthasangh (a group of Jaina saints). भावीकालीन १०वें तीर्थंकर , काष्ठासंघ के आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयकुमार The son of king Somprabh, who was the army-chief of Bharat Chakravarti, Name of a chief disciple of Lord Adinath. कुरुवंशी राजा सोमप्रभ का पुत्र , भरत चक्रवर्ती का सेनापति , आदिनाथ भगवान का ७१वाँ गणधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वकाल निर्जरा – Srakaala Nirjaraa. Destruction of Karmas on their maturation.निर्जरा के दो भेदो मे एक भेद, सविपाक निर्जरा जो स्वकाल पक्च होकर चारो गति वाले जीवो की होती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गंरथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति – Syaad Naasti. The 2nd Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation.सप्तभंगी का दूसरा भंग-द्रव्य परचतुष्टय (द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव) की अपेक्षा से कथंचित् नास्ति रुप है।
जघन्य स्पर्धक Group of lowest Varganas (aggregate of Karmic molecules). जघन्य वर्गणाओं का समूह जघन्य स्पर्द्धक है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यात्कार – Syaatkaara. Words having different meanings.अनेकान्तार्थक वाचक शब्द।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमती विप्रलंभ – पं आषाधर द्वारा रचित एक संस्कृत गं्रथ।विशय – नेमिराजुल संवाद। Rajamati vipralambha-A book written by pandit Ashadharji