पिशाच देव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिशाच देव – Pisaca Deva. A type of peripatetic deities. व्यंतर देवों के दस भेदों में से एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिशाच देव – Pisaca Deva. A type of peripatetic deities. व्यंतर देवों के दस भेदों में से एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म बादर स्कन्ध – Sukshma Baadar Skandha. Invisible existing matters like air, words etc स्कन्धों के 6 भेदों में से एक भेद । जो स्कन्द दिखाई न दे परन्तु उनका कार्य प्रगट हो जेसे हवा, शब्द आदि ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मित्र : == सोसउ मा सोसउ च्चिय सलिलं रयणायरस्स बडवऽग्गी। जं लहइ जले जलणो तेण च्चिय किं न पज्जत्तं।। —गाहारयण कोष : ४० हे बडवाग्नि ! तू समुद्र के जल को सोख या न सोख, पानी में तुझे जो आग मिलती है अर्थात् दुश्मन के घर में अपना…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुस्वरा – Susvaraa. Name of a female deity of a peripatetic Indra Gitaras. गीतरस व्यंतर इन्द्र की देवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाहुडदोहा – Pahudadoha. A book written by Mahanandi. ई. श. १५ के अंतिम पाद में मह्नन्दि द्वारा रचित एक कृति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषापहार स्तोत्र –VisapaharaStotra. A praising hymn written by Dhananjay (poet). धनज्ज्य कवि द्वारा रचित संस्क्रत भाषाबध्द एक स्तोत्र, रचना करते समय जिसके पाठ से उनके पुत्र का सर्प विष उतर गया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायभागमतसमुच्चय – Nyaayabhaagamatasamuchchaya. Name of a book written written by Pandit Jaichand Chhabra. पं. जयचन्द छाबरा (ई.1763-1829) कृत एक न्याय ग्रंथ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरुणकायिक – Varunakaayika.: A type of deities. आकाशोपपन्न देवों के 12 भेदों में एक भेद “