भावसूत्र!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावसूत्र – Bhavasutra. Ideal formula (of right faith,right knowledge & right conduct) for right path. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र इन तीन गुणों से निर्मित्त उपासक का वैचारिक सूत्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावसूत्र – Bhavasutra. Ideal formula (of right faith,right knowledge & right conduct) for right path. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र इन तीन गुणों से निर्मित्त उपासक का वैचारिक सूत्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशुध्दमती (आर्यिका) – Vishuddhamati (Aryika). 1. Name of an Aryika, the disciple of Acharya shri Shivsagar Maharaj oa the tradition of Charitra Shri Shantisagar ji Maharaj. 2. Name of a Ganini Aryika, the disciple of Acharya Nirmalsagar (chhani). 1. चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परम्परा के द्वितीय पट्टाचार्य श्री…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालाचार्य – Balacarya. A designation of aJaina saint (to whom the re- sponsibility of saint group is entrusted). संघाघिपती आचार्य ने जिस शिष्य को अपना पद सोंपा हो और आचार्य के समान जिसका गुणसमुदायहो, वे संघाघिपती आचार्य की समाघि होने से पूर्व तक बालाचार्य कहलाते हैं “
द्रव्य वेद Something related to gender formation. निर्माण व अंगोंपांग नामकर्मों के उदय से शरीर में पुरूष – स्त्री व नपुंसक के चिन्ह बनना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्र – Sutra. Origin, formulae, a source (of information), a precept, A type of code regulating conduct & behaviour, A type of scriptural knowledge. जो अल्प अक्षरों से संयुक्त है, सन्देह से रहित है, परमार्थ सहित है एवं जो ग्रन्थ, तन्तु और व्यवस्था इन तीन अर्थो को भेले प्रकार से सूचित करता है उस…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पीठ – Pitha. Back of the body, Throne, a seat, Name of the 10th Rudra. हिन्दी भाषा में शरीर के पृष्ट भाग व संस्कृत भाषा में आसन, सिंहासन को पीठ कहते हैं. दसवें रूद्र का नाम “
द्रव्य प्रमाण Numerical measure of substances. एक परमाणु से लेकर महास्कन्ध पर्यन्त, संख्यात, असंख्यात और अनन्त या पल, तुला, और कुडव आदि द्रव्य प्रमाण हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म भाषा – Sukshma Bhaashaa. Internal speech (inner voice). शब्दाद्वैतवादी द्वारा मानी गई 4 प्रकार की वाणी में एक भेद । क्षयोपशम से प्रगटी आत्मा की अक्षर को ग्रहण करने की तथा कहने की शक्ति रूप लब्धि । जैन मतानुसार इसे लब्धि रूप भाव वचन स्वीकारा गया है ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिपासा परीषह – Pipasa Parisaha. Affliction of thirst. २२ परीषहों में एक परीषह; साधुओ का खेद रहित होकर प्यास की बाधा को सहना “
द्रव्यनिमित्त Physical cause (reg. Karmic binding & furition). द्रव्य, क्षेत्र, काल व भाव की अपेक्षा से कर्मों का बन्ध व उदय होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]