स्तुति विद्या!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तुति विद्या – Stuti Vidyaa. Name of a treatise written by Acharya. Samantbhadra.आचार्य समन्तभद्र द्वारा संस्कृत भक्ति विषयक ग्रन्थ, जिनषतक। समय – ई0 120. 185।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तुति विद्या – Stuti Vidyaa. Name of a treatise written by Acharya. Samantbhadra.आचार्य समन्तभद्र द्वारा संस्कृत भक्ति विषयक ग्रन्थ, जिनषतक। समय – ई0 120. 185।
दधिमुख Name of particular 16 mountains in Nandishvardvip (island). नंदीश्वर द्वीप की 16 वापियों के मध्य स्थित दही के समान 16 सफेद वर्ण के पर्वत। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद कषाय –Veda Kasaya Passion of lust. नोकषाय, चरित्र मोहनीय के उदय से आत्मा मे कामसेवन या स्त्रीत्व, पुरुषत्व, नपुंसकत्व के भाव”
चित्कर्म Activities causing accumulation of Punya (meritorious Karmas). जिससे पुण्य कर्म का संचय हो वह चित्कर्म है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद:Designation or title. A part of scriptural Knowledge (Shrutgyan). उपाधि अथवा पदवी, श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 5 वां भेद, इनके अर्थ पद, प्रमाण पद और मध्ष्यम पद तीन भेद ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यतिरेक – Vyatireka. Distinction, Reaching beyond, a type separateness. भेद, अंतर, वैषम्य या असमानता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पण्णट्टी : A counting of numbers i.e. (256)2 =65536. एक संख्या (256)2 = 65536.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेद (शास्त्र) – Veda (Sastra) Four expositions of Jaina scriptures & the four great mythological sacred scriptures of Hindus. जैनधर्म के चार अनुयोगों (प्रेथामानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग, द्रव्यनुयोग) को वेद संज्ञा दी गई है ” हिन्दुऊ में भी चार वेदों ॠग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद की मान्यता हैं “
चेटक A king of Vaishali who was maternal grand father of Lord-Mahavira, A male servant. वैशाली नगर के राजा व भगवान महावीर के नाना , सेवक , दास ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]