जयंतभट्ट!
जयंतभट्ट Name of the writer of ‘Nyaya Manjari’. ई. ८४० के ‘न्याय मंजरी’ ग्रन्थ के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयंतभट्ट Name of the writer of ‘Nyaya Manjari’. ई. ८४० के ‘न्याय मंजरी’ ग्रन्थ के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन आलोचना- पाक्षिक, चातुर्मासिक एवं वार्शिक् दोशो की सब यति समुदाय द्वारा मिलकर आलोचना करना। Bahujana alocana- Criticism of faults in a group by saints
गोणसेन Name of a disciple of Siddhantdeva. सिद्धांत देव के शिष्य तथा अनंतवीर्य के गुरु थे, समय- ई.. ९६०-१००० ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलवान्- शक्तिशाली, सामथ्र्यवान; कर्म को भी बलवान् संज्ञा है। Balavan- Powerful, strong
तेईस Twenty three; type of aggregatal grouping of karmic molecules or variforms. 23 वर्गणा के भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बालचारित्र- आत्म स्वभावसे विपरीत बहुत प्रकार के चारित्र को आचरना। Balacaritra- conduct of a wrong believer
तिर्यंच जलोक Middle universe. मध्यलोक यह असंख्यात वलयाकार द्वीपों और समुन्द्रों से शोभायमान है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बन्ध सान्त- जि कर्म प्रकृतियों का बंणना आगे के लिए रुक गया है। Bandha Santa- binding of karmas with end
तिलपुच्छ Name of a planet (22nd out of 88). 88 ग्रहों में 22 वां ग्रह । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]