आप्त!
आप्त Real spiritual authority, Omniscient. वीतरागी सर्वज्ञ और हितोपदेशी अर्हंत भगवान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्त Real spiritual authority, Omniscient. वीतरागी सर्वज्ञ और हितोपदेशी अर्हंत भगवान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृढ़राज्य Father’s name of Lord Sambhavnath. संभवनाथ तीर्थंकर के पिता का नाम (दृढ़राज)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुस्वर नामकर्म Karmic nature causing bad voice. नामकर्म की एक प्रकृति जिसके उदय से स्वर खराब हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्भाषा Rude, Violent, Merciless & husky language. कर्कश, कटु, निष्ठुर, परकोपी, जीवों की हिंसा करने वाली आदि भाषा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इच्छापरिमाण Limitation of desires. परिग्रह परिमाण-इसमें स्वर्ण दास आदि बाह्य परिग्रह का परिमाण किया जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आस्रव Influx, Inflow of karmas. सात तत्वों में तीसरा तत्व , कर्मों के आगमन को आस्रव कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दीक्षा Initiation, Consecration for a religious ceremony, an act of undertaking religious observances. वैराग्य की उत्तम भूमिका को प्राप्त होकर अपने सब सगे संबधियों से क्षमा मांगकर गुरू की शरण में जाकर संपूर्ण परिग्रह का त्याग कर देना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिव्यपाद Name of 23rd predestined Tirthankar (Jaina-Lord). जम्बूद्वीप भरतक्षेत्र में स्थित 23 वें भाविकालीन तीर्थंकर का नाम (हरिवंशपुराण के आधार पर ) दूसरे ग्रंथों में इनका नाम देवपाल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]