परमाणु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमाणु-जो अत्यन्त तीक्ष्ण शस्त्र से भी छेदा या भेदा नहीं जा सकता,तथा जल और अग्नि आदि के द्वारा नाश को प्राप्त नहीं होता,वह परमाणु है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमाणु-जो अत्यन्त तीक्ष्ण शस्त्र से भी छेदा या भेदा नहीं जा सकता,तथा जल और अग्नि आदि के द्वारा नाश को प्राप्त नहीं होता,वह परमाणु है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनसार- आचार्य कुन्दकुन्द (ई. 127-179) कृत ज्ञान, ज्ञेत व चारित्र विशयक एक प्राकृत ग्रंथ। Pravacanasara- A prakrit treatise written by Acharya Kundkund
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव विचय – Bhava Vichaya. Religious contemplation or meditation. धर्म ध्यान; चेतन-अचेतन पदार्थों के स्वभाव का विचार करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोज्यता- प्रयोजन के वष, उपयोग में आने की योग्यता। Prayojyata –Applicability, aptness.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयरत्नालंकार- आचार्य चारुकीर्ति (ई. 1544) कृत एक ग्रंथ। Prameyaratnalankara- A book written by acharyaCharukirti
तीर्थंकर- जो धर्मतीर्थ का प्रवर्तन करते हैं वे तीर्थंकर कहलाते हैं । या 24 Lords of Jaina; propagator of eternal religion. संसार सागर को स्वयं पार करने तथा दूसरों को पार कराने वाले महापुरूष धर्मतीर्थ के प्रवर्तक , पंचकल्याणकों से पूजित , प्रत्येक कल्प (चतुर्थ काल) में वे 24 होते है। जैसे – वर्तमान काल…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक शरीर वर्गणा- 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा; एक-एक जीव के एक-एक शरीर में उपचित (संचित) हुए कर्म-नोकर्मस्कंण्रुप वर्गणा। pratyeka sarira vargana – a type of aggregates of karmic molecules
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण सप्तभड्गी- प्रमाण में प्रत्येक धर्म की अपेक्षा सप्तमभंगी होती है; स्यात् अस्ति, स्यात् नास्ति, स्यात् अस्ति नास्ति स्यात् अवक्तव्य, स्यात् अस्ति अवक्तच्य, स्यात् नास्ति अवक्तव्य, स्यात् अस्ति नास्ति अवक्तव्य ये सप्तभंगी कहलाते है। PramanaSaptabhangi- Measure pertaining to seven combinations (Saptbhangi)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्युत्कुमार – Vidyutkumara. A type of residential deities. भवनवासी के १० भेदों में एक भेद ” यह रत्नप्रभा पृथिवि के खरभाग में रहते हैं “