ईख!
ईख Sugar-cane. गन्ना इक्षु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभ (कषाय ) – Lobha (Kashaaya) Passion for prosperity (greed). चौथी कषाय ;इसमें धन सम्पति पाने की तीव्र लालसा या वृद्धि –इच्छा बनी रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वैर – Nirvaira. Peaceable, enmitiless feelings. सम्पूर्ण प्राणियों से मैत्रीभाव होना अर्थात्किसी से वैर न होना”
उदराग्नि प्राशमन वृत्ति Pacification of hunger. साधु वृत्ति उदराग्नि का निःस्वाद भोजन से प्रशमन करना (मिटाना)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति संक्रमण – Prakrti Samkramana. Transition of karmic species. कर्म की १० अवस्थाओं में एक अवस्था; बंधरूप प्रक्रति का अन्यरूप परिणमन होना “
देवसेवा Eulogical worshipping of Lord Arihant. देवपूजा , अभिषेक व 8 द्रव्य से पूजन,स्तुति करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विचिकित्सा – Nirvichikitsaa. To have reverential belief with free from any disgust on viewing excreta of saints. घृणा नहीं करना, सम्यग्दर्शन के 8 अंगों में तीसरा अंग; रत्नत्रयसे पवित्र साधुओं के मलिन शरीर, मलमूत्रादी से घृणा न करते हुए वस्तुस्वरूप का विचार करना ” परोपकार के निमित भी इस गुण का पालन करना चाहिए…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “