इंद्रियपर्याप्ति!
इंद्रियपर्याप्ति Complete development of senses. आहावर्गणा के परमाणुओं को इन्द्रियाकार परिणमन कराने तथा इन्द्रिय द्वारा विषय ग्रहण करने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रियपर्याप्ति Complete development of senses. आहावर्गणा के परमाणुओं को इन्द्रियाकार परिणमन कराने तथा इन्द्रिय द्वारा विषय ग्रहण करने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहार संज्ञा Keen desire for food. अन्नादि आहार ग्रहण करने की इच्छा होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इत्वरिकागमन Visiting an immoral woman. ब्रह्मचर्य अणुव्रत का एक अतिचार विवाहित व्यभिचारिणी स्त्री के यहाँ आना जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविवीर्य – चक्रवर्ती भरतेष का पुत्र, इसने जयकुमार के साथ तीर्थकर र्वशभदेव से दीक्षा ली थी। Ravivirya-the son of Chakravarti (emperor) of Bhartesh
आचार संपदा Assests like right belief, right knowledge & right conduct. सम्यग्दर्शन सम्यग्ज्ञान सम्यज्ञचारित्र रूप संपत्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदु प्रणिधान – सामायिक षिक्षाव्रत का एक अतिचार, मन वचन काय की दुश्ट प्रवृत्ति। Yogaduhpranidhana-bad tendencies or attitude of one (an infraction of samayik)
इंद्रिय अवग्रह Sensory apprehension. इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का प्रार्थमिक ग्रहण होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यायु कर्म प्रकृति- Manushyaayu Karma Prakrti. Karmic nature causing human body. जिस कर्म के उदय से जीव मनुष्य देह में रहे “