उपांग!
उपांग Sublimbs . नाक कान आँख आदि को उपांग कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुरु स्पर्श नामकर्म जिस कर्म के उदय से शरीर भारी हो हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वज्ञशांवला – Nirvagyanshaamvalaa. A spiritual knowledge or study regarding Vidyadhars. एक विद्याधर विद्या “
गोदावरी A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आश्चर्य पंचक Five auspicious omen (good occurrences). पंचाश्चर्य-रत्नवृष्टि, देव दुंदुभि मंद सुगंधित वायु प्रवाह, जय जयकार की ध्वनि यह तीर्थंकर एंव अन्य विशिष्ट महामुनियों के आहार के समय देवों द्वारा की जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मूढ़ – Nirmoorha. One rational, who is capable of knowing the super soul of Self. मूढ़ता रहित; निजपरमतत्त्व को जानने में समर्थ होना “
गुरु स्पर्श आचार्य आदि वीतरागी गुरुओं के भक्ति से चरण छूना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आशा Hope, Desire, A female divinity of Ruchaka mountain. उम्मीद चाह रूचक पर्वत निवासी दिक्कुमारी देवी। [[श्रेणी:शब्दकोष]] [[श्रेणी: पुत्री]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्निमेष दृष्टि – Nirnimesha Drishti. Unwinking eyes; an excellence of Loed Arihant. पलक झपकनेका अभाव; अर्हत भगवान के केवलज्ञान के 11 अतिशियोंमें एक “
गुण Virtues, Attributes, Merits. पूरे द्रव्य में जो व्यापक हो व द्रव्य के साथ सर्व पर्यायों में पाया जावे.द्रव्य के साथ सहभावी हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]