मेघरथ!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघरथ– Meghrath. Past birth name of Lord Shantinath. पुष्कलावती देश में पुण्डरीकिणी नगरी के राजा घनरथ का पुत्र जो शांतिनाथ भगवान् के पूर्व का दूसरा भाव है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघरथ– Meghrath. Past birth name of Lord Shantinath. पुष्कलावती देश में पुण्डरीकिणी नगरी के राजा घनरथ का पुत्र जो शांतिनाथ भगवान् के पूर्व का दूसरा भाव है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्ननंदी – नंदीसंध बलात्कार गण में वीरनंदी न 1 के षिश्य व माणिक्यनंदी न 1 के गुरू। समय ई 639 से 668 Ratnanadi-Name of the disciple of Virnandi-1 and preceptor of Manikyanandi-1
गति-अगति(सामान्य) Probability of getting any body form (Gati) by transmigration. किस स्थान से नारकर किस गति में जीव उत्पन्न हो सकता है और किसमें नहीं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वदिशा – Poorvadishaa. East-direction (for conducting relegious observances etc. all auspicious deeds). एक शुभ दिशा, सूर्योदय वाली दिशा, पूएव दिशा में मुख करके कृतिकर्म सामायिक आदि करना चाहिए “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधरा – रूचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी। Yasodhara-Name of a female divinity of Ruchak Mountain
गंगास्नान To take bath in the ganga river. गंगा नदी में जाकर स्नान करना । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुमिनाश – Bhuminasha. Destruction of whole earth (before 49 days at the end of pancham kal. पंचम काल के अंत में ४९ दिन तक कुवृष्टियां होने से भूमि जलकर नष्ट हो जाति है इसे भुमिनाश कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाश – Prakasha. illamination, Light. Brilliance, Lustre. उजाला – सूर्य, चंद्रमा, विधुत, ज्ञान इत्यादि का प्रकाश “
खड्गपुरी A main city of Avarta country of east Videh (region). पूर्व विदेह में स्थित आवर्ता देश की मुख्य नगरी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति विभाग (मूल/उत्तर ) – Prakrti Vibhaga (Mula/Uttara). Division of karmic natures (primary/second- ary). कर्म प्रक्रतियां के भेद; मूल कर्म प्रक्रतियां ८ एवं उत्तर कर्म प्रक्रतियां १४८ हैं “