सन्यास आश्रम!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्यास आश्रम – Sanyaasa Aashrama. The fourth stage of life, period of asceticism. धर्म क्रियाओं के भेद से ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ व सन्यास इन 4 आश्रमों में एक आश्रम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्यास आश्रम – Sanyaasa Aashrama. The fourth stage of life, period of asceticism. धर्म क्रियाओं के भेद से ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ व सन्यास इन 4 आश्रमों में एक आश्रम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वरुपलय – Svaruupalaya. Engrossment into self. कल्पना जाल को दूर करके चैतन्य आनंदमय स्वरुप मे तल्लीनता।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यगति नामकर्म प्रकृति – Manushyagati Naamkarma Prakrti. Physique making Karma of human being. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से मनुष्य के समान आकार आदि अवस्था बने “
ऐरावत Name of a region (7th) of Jambu island, The name of Saudharma Indra’s elephant. जम्बूद्वीप का सातवाँ क्षेत्र, सौधर्म इन्द्र का हाथी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्वीद्रिय जीव That which has two senses. जिन जीवों के स्पर्शन – रसना दो इन्द्रियां होती है, शंख कृमि आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संतोषतिलक जयमाल – Santoshatilaka Jayamaala. A drama script written by Buchiraj. संतोष द्वारा लोभ को जीतना विषयक अपभ्रंश भाषाबद्ध कृत एक रूपक “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंप्रभ – Svayammprabha. Name of the 4th predestined Tirthankar (Jaina Lord), name of a summit of Ruchak mountain. भावीकालीन चैथे तीर्थकर, रुचक पर्वतस्थ एक कूट।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तार सम्यग्दर्शन –VistaraSamyagdarsana. Right faith after thorough learning of scriptures. सम्यकत्व के १० भेदों में सातवा भेद, जीव आदि तत्त्वों को विस्तार रूप, से सुनकर जो श्रध्दान हो वह विस्तार सम्यग्दर्शन है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव द्रव्य व्यंजन पर्याय – Svabhaava Dravya Vyamjana Paryaaya. Natural state of soul points in the salvated form. बिना दूसरे के निमित से जो व्यंजन पर्याय होती है वह स्वभाव द्रव्य व्यंजन पर्याय है। जीव का सिद्वपने का आकार या जीव की सिद्वपर्याय।