दैत्य!
दैत्य A type of knowledge, Demon, Evil spirit. एक प्रकार की विद्या, राक्षस।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दैत्य A type of knowledge, Demon, Evil spirit. एक प्रकार की विद्या, राक्षस।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशाखाभूति – Vishakhabhuti. The younger brother of king Vishvabhuti who became ultimately a heavenly deity. राजग्रह नगरी के राजा विश्वभुती का छोटा भाई, पिता के दीक्षा लेने पर स्वयं ने भी दीक्षा लि और मरकर स्वर्ग में देव, स्वर्ग से आकर विजय नामक बलभद्र हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक – Naimittika. Causal knowledge, gained due to some special reason. किसी विशेष कारण या निमित्त से उत्पन्न कार्य या ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रदंड –Vajradand The symbol of Lord Dharmanath. भगवान धर्मनाथ का चिन्ह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिदत्त – Nemidatta. A celibate who wrote ‘Aradhana Kathkosh’ and many other books, the deciple of Bhattarak Mallibhushan. नंदिसंघ बलात्कारगण सूरत शाखा के एक भट्टारक मल्लिभूषण के शिष्य (समय- ई.श.16) ” एक ब्रह्मचारी-नेमिनाथ पुराण, आराधना कथाकोष, धन्यकुमार चरित्र, धर्मोंपदेशपीयूषवर्ष श्रावकाचार आदि के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतपरीषह – Sheetapareeshaha. Affliction of cold (to be endured by the saints). मुनियों के 22 परीषहों में एक परिषह, शीत वेदना को समतापूर्वक सहन करना शीत परीषहजय है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == ममत्व : == ममता खट परै रगे, ओनीदे दिन रात। लेनो न देनो इन कथा, भोरे ही आपत जात।। —आनन्दघन ग्रंथावली :: पद : ३५ ममता नारी में यदि कोई गुण है तो वह है मोहित करने का। किन्तु वह स्वर्ण—कटार किस काम की, जिसका स्पर्श—मात्र प्राणान्त का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीरस आहार – Neeras Aahaara. Tasteless food. स्वाद रहित अर्थात् रस आदि से रहित भोजन “