दर्शन विशुद्धि व्रत!
दर्शन विशुद्धि व्रत A Jaina vow (fasting) with particular procedure. औपशमिकादि तीनों सम्यत्तवों के आठ अंगों की अपेक्षा 24 अंग के एक उपवास एक पारणा के क्रम से 24 उपवास करना एंव णमोकार मंत्र का जाप करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शन विशुद्धि व्रत A Jaina vow (fasting) with particular procedure. औपशमिकादि तीनों सम्यत्तवों के आठ अंगों की अपेक्षा 24 अंग के एक उपवास एक पारणा के क्रम से 24 उपवास करना एंव णमोकार मंत्र का जाप करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रविनय Reverential conduct, Absorption in conduct with knowledge and faith. इन्द्रिय और कषायों के प्रणिधान या परिणाम का त्याग करना तथा गुप्ती समिति आदि चारित्र के अंगों का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्युज्जिव्ह – Vidyujjivha. One of the (the 34th ) 88 planets. ज्योतिष्क के ८८ ग्रहों में ३४वां ग्रह “
चिलातपुत्र Name of an Anuttaropapadak in the era of Lord Mahavira. भगवान् वीर के तीर्थ के एक अनुत्तरोपपादक साधु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजविघा – राज्य संचालन की विद्या, यह धर्म अर्थ और काम ये तीनो पुरूशार्थो को सिद्ध करने वाली होती है। Rajavidya-talent of governance of a kingdom
चित्रविचित्र Variegated, A king of Kuru dynasty. रंग -बिरंगा , कुरुवंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहित कुड – हैमवत क्षेत्र में स्थित एक कुण्ड जिसमें से रोहित नदी निकलती है। Rohita Kumda-Name of a large pool of haimvati kshetra (region)
चंचत्(चंचु) Name of the 11th Patal (layer) of ‘Saudharm’ heaven. सुधर्मा स्वर्ग का ११वें पटल का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तोत्र – Stotra. Spiritual and religion hymn.कविता के रुप मे किसी इष्ट देव का वर्णन करना। प्रषंसा स्तुति, स्तोत्र एकार्थवाची है। भिन्न-भिन्न आचार्यों ने अनेक स्तोत्र लिखे है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्त्यनुशासन – आचार्य समन्तभद्र कृत सस्कृत में 64 ष्लोक ष्लोक प्रमाण स्तोत्र। Yuktyanusasana- name of a book written by acharya samantbhadraji